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ये हैं यूपी के डॉक्टर: बुजुर्ग मरीज को भगाया, तीमारदार पर तानी कुर्सी

Wed, 29 Jun 2016 05:32 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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बीमार बुजुर्ग महिला - फोटो : amar ujala
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बलरामपुर अस्पताल में मंगलवार को बुजुर्ग महिला के इलाज में लापरवाही की शिकायत डॉक्टर से करना परिवार वालों के लिए महंगा पड़ गया। परिवारीजनों से डॉक्टर ने न सिर्फ अभद्रता की बल्कि बुजुर्ग मरीज की अस्पताल से जबरन छुट्टी कर दी। 
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वहीं डॉक्टर का गुस्सा देख स्टाफ ने रंग बदला और मरीज के साथ आए लोगों को मारने के लिए कुर्सी उठा ली। परिवारीजनों ने मामले की शिकायत सीएमएस डॉ. राजीव लोचन से की तब दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू हुआ।

ठाकुरगंज के कौशल निगम की मां रामलली (75) को तेज बुखार, सिर दर्द के बाद शनिवार को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इमरजेंसी से महिला वार्ड के बेड नंबर 30 पर शिफ्ट कर दिया गया। कौशल निगम ने बताया कि तीन दिन से बुखार तेज होने के साथ तकलीफ बढ़ती जा रही थी। 

पिछले दो दिन से घरवाले वार्ड में तैनात स्टाफ को मरीज की परेशानी बताते थे तो कहा जाता था कि जो डॉक्टर देख रहा है उसको बताओ। तीन बार खून की जांच कराई गई लेकिन रिपोर्ट देखने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। 
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कौशल ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे इलाज कर रहे डॉक्टर राउंड के लिए आए तो नर्सिंग स्टेशन में बैठ गए और बीएचटी (बेड हेड टिकट) पर दवा और इंजेक्शन लिखने लगे। इसी बीच डॉक्टर को मरीज की परेशानी बताई और देखने की गुहार लगाई तो वो भड़क गए।
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डॉक्टर ने मरीज को जबरन कर दिया डिस्चार्ज

डेमो
नर्सिंग स्टेशन में स्टाफ और मरीजों के बीच चिल्लाते हुए स्टाफ से कहने लगे कि जब तीमारदार डॉक्टर बनने लगे तो मरीज के साथ उसको बाहर फेंक दिया करो।

तीमारदार ने विरोध किया तो स्टाफ ने कौशल को मारने के लिए कुर्सी और स्टूल तान दिया। ये देख कौशल और उनकी बहन पुष्पा निगम ने विरोध किया और जमकर हंगामा किया।

इसके बाद डॉक्टर ने मरीज को जबरन डिस्चार्ज कर दिया और तीमारदारों को वार्ड से निकल जाने की धमकी दे डाली।परिवारीजनों का आरोप है कि इलाज कर रहे फिजीशियन मरीज को देखने और उनकी परेशानी पूछने की बजाए वो बीएचटी पर पुरानी दवाओं के हिसाब से दवा लिखकर नौकरी पूरी कर लेते हैं।

वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए दूसरे डॉक्टर सुबह नौ बजे आते हैं लेकिन इनका कोई टाइम नहीं है और 11 बजे तक वार्ड में पहुंचकर इलाज की औपचारिकता पूरी करते हैं।

तीमादारों ने बताया कि मरीज को रात में कोई परेशानी हो तो कोई देखने को तैयार नहीं होता है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव लोचन का कहना है महिला वार्ड में भर्ती मरीज रामलली के इलाज को लेकर तीमारदार और डॉक्टर के बीच कुछ बात हुई थी।

मरीज का इलाज कर रहे डॉ. एसएम रिजवी और तीमारदार ने इसकी जानकारी दी थी। मामला सुलझा लिया गया था और मरीज का इलाज चल रहा है। तीमारदार को मारने और अभद्र व्यवहार की भी शिकायत मिली थी। ऐसा न हो इसके लिए सभी को चेताया गया है।
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