बलरामपुर अस्पताल में मंगलवार को बुजुर्ग महिला के इलाज में लापरवाही की शिकायत डॉक्टर से करना परिवार वालों के लिए महंगा पड़ गया। परिवारीजनों से डॉक्टर ने न सिर्फ अभद्रता की बल्कि बुजुर्ग मरीज की अस्पताल से जबरन छुट्टी कर दी।
वहीं डॉक्टर का गुस्सा देख स्टाफ ने रंग बदला और मरीज के साथ आए लोगों को मारने के लिए कुर्सी उठा ली। परिवारीजनों ने मामले की शिकायत सीएमएस डॉ. राजीव लोचन से की तब दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू हुआ।
ठाकुरगंज के कौशल निगम की मां रामलली (75) को तेज बुखार, सिर दर्द के बाद शनिवार को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इमरजेंसी से महिला वार्ड के बेड नंबर 30 पर शिफ्ट कर दिया गया। कौशल निगम ने बताया कि तीन दिन से बुखार तेज होने के साथ तकलीफ बढ़ती जा रही थी।
पिछले दो दिन से घरवाले वार्ड में तैनात स्टाफ को मरीज की परेशानी बताते थे तो कहा जाता था कि जो डॉक्टर देख रहा है उसको बताओ। तीन बार खून की जांच कराई गई लेकिन रिपोर्ट देखने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।
कौशल ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे इलाज कर रहे डॉक्टर राउंड के लिए आए तो नर्सिंग स्टेशन में बैठ गए और बीएचटी (बेड हेड टिकट) पर दवा और इंजेक्शन लिखने लगे। इसी बीच डॉक्टर को मरीज की परेशानी बताई और देखने की गुहार लगाई तो वो भड़क गए।