बजरंग दल के उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड संयोजक सुरेन्द्र मिश्र ने ऐलान किया है कि सरकार के रोक के बावजूद 18 अक्टूबर को प्रदेश भर में संकल्प सभाएं होकर रहेंगी।
मिश्र ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हो रही इन संकल्प सभाओं के लिए प्रदेश में 500 स्थानों का चयन कर लिया गया है।
जहां हिंदू समाज के लोग अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण का संकल्प लेंगे। अयोध्या में आयोजित संकल्प सभा भी हाल में होगी।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार तुष्टीकरण की नीति से बाज नहीं आ रहा है। पर, अब हिंदू समाज भी सरकार की इस नीति पर चुप नहीं बैठने वाला। मिश्र मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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मिश्र ने कहा कि सरकार का कोई भी प्रतिबंध संकल्प सभाओं को रोकने में सफल नहीं होगा।
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मिश्र ने तर्क दिया कि 1994 में सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र देकर कहा था कि संबंधित स्थल के बारे में कभी यह साबित हो गया कि हिन्दुओं के पूजा स्थल को तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई गई है तो सरकार संबंधित स्थल को मंदिर बनवाने के लिए हिंदू समाज को सौंप दिया जाएगा। पर, अब अपने वादे से मुकर रही है।
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बजरंग दल संयोजक ने चेतावनी दी कि सरकार संकल्प सभाओं पर प्रतिबन्ध निरस्त करे अन्यथा उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
फिर शक्ति प्रदर्शन करेगी विहिप
सरकार के प्रतिबंध के बावजूद विहिप संकल्प सभाओं की तैयारियों में जुटी है। खासतौर से अयोध्या में संकल्प सभा के लिए विशेष तैयारी की जा रही है।
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संगठन के महामंत्री चम्पत राय, विहिप के केंद्रीय मंत्री विनायक राव देशपाण्डे, राजेंद्र सिंह पंकज, पुरुषोत्तम नारायण सिंह व केंद्रीय संयुक्त मंत्री वाई राघव लू सहित कई नेता अयोध्या में डेरा डाले हुए हैं।