लखनऊ। आरटीओ उन्नाव के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर मौरंग और गिट्टी के ओवरलोड ट्रकों को पास कराकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपी मोहम्मद तारिक हुसैन की जमानत अर्जी को एडीजे नीरज कुमार बरनवाल ने खारिज कर दिया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि कानपुर एसटीएफ के दरोगा राहुल परमार ने उन्नाव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक एसटीएफ को सूचना मिली थी कि विभिन्न जनपदों में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों को बिना रोक-टोक आवागमन करके राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही है। इस पर एसटीएफ की टीम ने 11 नवंबर को गदनखेड़ा बाईपास के पास से आरोपी प्रदीप सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद आरोपी नियाज और तारिक भी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों ने बताया कि सभी एक संगठित गिरोह में शामिल हैं और दोनों अवैध मौरंग व गिट्टी का व्यापार करते है। नियाज ने बताया कि वह और तारीक दोनों ही अधिकारियों को पैसे देकर गाड़ी पास कराते हैं।