दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर पत्नी की पिटाई कर छत से नीचे फेंककर हत्या करने के आरोपी पति मोहम्मद फैजल की जमानत को एडीजे हरेंद्र बहादुर सिंह ने खारिज कर दिया है।
जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील जेपी सिंह ने तर्क दिया कि इस मामले की रिपोर्ट वादी वसीम खान ने एक मई 2020 को ठाकुरगंज थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि वादी ने अपनी पुत्री अर्शिया बानो की शादी 25 नवंबर 2018 को मो. फैजल से की थी। अपनी हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था लेकिन शादी के बाद से ही अर्शिया को उसका पति मो. फैसल बात-बात पर मारता-पीटता था और कम दहेज लाने का ताना देता था।
कहा गया कि वादी ने किसी तरह से छह महीने पूर्व आरोपी को 25000 रुपये दिए थे लेकिन आरोपी पुत्री पर मायके से एक लाख रुपये लाने का दबाव बनाने लगे और ससुराल में रुपयों की मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप लगाया गया कि एक मई 2020 को उसकी पुत्री के ससुराल से फोन आया कि अर्शिया की मौत हो गई है और वह ट्रॉमा सेंटर में है। लेकिन जब वादी व घर के लोग ट्रॉमा सेंटर गए तो देखा कि उसकी लड़की को मारा-पीटा गया था जिससे उसकी मृत्यु हो गई है। बताया गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर घटना के दिन सुबह चार बजे पति और ससुराल के अन्य लोगों ने मारपीट कर उसे छत से नीचे फेंक दिया गया जिससे उसके शरीर पर काफी चोटें आई हैं और अर्शिया की मौत हो गई।