लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बड़े पैमाने पर शराब का फर्जीवाड़ा कर तस्करी के जरिए करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपी प्रणय अनेजा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह केस राजधानी के गोमतीनगर के एसआईटी थाने से संबंधित है जिसमें आबकारी अधिनियम के प्रावधानों समेत आईपीसी के तहत जालसाजी व फर्जीवाड़ा करने के आरोप हैं।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने यह आदेश प्रणय अनेजा की जमानत अर्जी पर दिया। आरोपी की ओर से दलील दी गई कि मामले से उसका कोई संबंध नहीं है और संबंधित प्राथमिकी में उसके खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं है। उधर अर्जी का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही का कहना था कि आरोपी ही सहारनपुर के टपरी स्थित फैक्टरी का मुख्य कर्ता-धर्ता है। उसी ने राजस्व कर्मियों से मिलीभगत कर दस्तावेजों में हेराफेरी के जरिए तस्करी कर करोड़ों की एक्साइज ड्यूटी (राजस्व) की चोरी की। अभी केस की तफ्तीश चल रही है। ऐसे में उसकी जमानत अर्जी खारिज करने योग्य है। कोर्ट ने कहा कि केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि आवेदक व उसके परिवार के सदस्य शराब बनाने वाली कंपनी को नियंत्रित करने की स्थिति में हैं। अदालत ने अपराध की गंभीरता व विवेचना जारी होने के मद्देनजर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।