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महिला जज से अभद्रता करने में गिरफ्तार वकीलों की जमानत अर्जी खारिज

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लखनऊ। महिला सीजेएम को चेम्बर जाते समय रास्ते में रोककर गाली-गलौज और अभद्रता करने के चार साल पुराने मामले में गिरफ्तार वकील अभिषेक कुमार सिंह और एतमाद हसन इदरीसी की जमानत अर्जी को विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया। इसके बाद दोबारा जिला जज की कोर्ट में अलग-अलग अर्जियां डाली गईं जिस पर प्रभारी जिला जज मीना श्रीवास्तव ने सुनवाई के लिए 14 दिसम्बर की तारीख तय की है।
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दोनों वकीलों को वजीरगंज पुलिस ने 9 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। उसके बाद उन्हें शुक्रवार को कोर्ट खुलने के पहले रिमांड के लिए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के सामने पेश किया गया जहां पर कोर्ट ने न्यायिक रिमांड स्वीकृत करते हुए वकीलों की ओर से दी गई जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया। जमानत अर्जी खारिज होने के बाद दोनों वकीलों की ओर से जिला जज की कोर्ट में अलग-अलग जमानत अर्जियां दी गईं जिस पर प्रभारी सत्र न्यायाधीश मीना श्रीवास्तव ने 14 दिसंबर को सुनवाई का आदेश दिया है।
इस मामले की रिपोर्ट तत्कालीन महिला सीजेएम ने 25 मार्च 2017 को वजीरगंज थाने पर दर्ज कराकर अनुराग त्रिवेदी और सैफी मिर्जा समेत 20-25 अन्य वकीलों को आरोपी बनाया था। इसमें सीजेएम ने कहा था कि वह जिला जज के साथ मीटिंग करके अपने विश्राम कक्ष की ओर जा रही थीं, तभी वकीलों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज और अभद्रता करते हुए अपमानित किया। वजीरगंज पुलिस ने इस मामले में अनुराग त्रिवेदी एवं सैफी मिर्जा के खिलाफ 24 मई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जिस पर 25 मई 2017 को कोर्ट ने संज्ञान लिया था।
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