भेड़िया प्रभावित महसी तहसील क्षेत्र में की गई प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरातल पर नजर नहीं आ रही है। इसी का नतीजा है कि दो दिन पूर्व जिस बच्चे पर हमला हुआ है उसके घर में दरवाजा तक नहीं था। वहीं एक बार फिर से करीब 50 गांव के लोगों में भेड़िया का खौफ बढ़ गया है। वन विभाग की कसरत भी अब बौनी साबित होने लगी है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश भी बढ़ रहा है। वहीं भेड़िया से बचने के लिए अभी ग्रामीण रात व दिन में लाठी, डंडे लेकर गांव की पहरेदारी करने को मजबूर है।
महसी तहसील क्षेत्र के बंभौरी ग्राम पंचायत के मजरा नकहा में बृहस्पतिवार रात अपनी बड़ी बहन फुला के साथ सो रही मासूम ममता पर भेड़िये ने हमला कर घायल कर दिया था। जिसके बाद वन विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन के लोग भी परिवार का हाल-चाल लेने पहुंचे। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तक हमला नहीं हुआ था तब तक भेड़िया प्रभावित गांवों की लिस्ट में नाम होने के बाद भी नकहा गांव में कोई भी अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पर ना ही किसी ने यह जानने की कोशिश की, कि यह परिवार किस तरह रह रहा है।
पीड़ित परिवार के पास एक कच्चा छप्पर का मकान है उसमें दरवाजा भी नहीं लगे हैं। इसी का नतीजा है कि यहां पहुंचे भेड़िया ने आसानी से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि भेड़िये के हमले के बाद ग्राम प्रधान ने एक बांस का दरवाजा बनवाकर लगवाया है। इनके घर में दरवाजा लगा होता तो शायद भेड़िया ममता पर हमला नहीं कर पाता। वैसे तो प्रशासन दावा कर रहा है कि सैकड़ो की संख्या में भेड़िया प्रभावित गांवों में दरवाजे, हाईमास्ट लाइट आदि लगवाए हैं। लेकिन हकीकत में यह सब कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। शनिवार को अमर उजाला की टीम रियलिटी चेक के लिए जब बंभौरी गांव के नकहा माजरा पहुंची तो वहां कई ऐसे परिवार मिले जिनके घर छप्पर के बने हुए हैं घर में दरवाजे नहीं हैं। लोगों ने बताया कि दादी रामावती के साथ घायल ममता की दो बहने जुली (7), रानी(6)और एक भाई लवकुश (4) रह रहे हैं। पिता अपनी बड़ी बेटी फूला और ममता के साथ अस्पताल में हैं जहां ममता का इलाज चल रहा है।
जिले में भेड़िये की दहशत को लेकर शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शासन-प्रशासन पर तंज कसा। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि प्रशासन द्वारा भेड़िये की समस्या को नकारना भी एक समस्या है। अब तक तो कहानी में सुनते थे, कि भेड़िया आया-भेड़िया आया का झूठ फैलाया जाता है। अब सच में भेड़िया आ रहा है तो प्रशासन उल्टी कहानी सुना रहा है, कि ये झूठ है और कह रहा है भेड़िया नहीं आया-भेड़िया नहीं आया। अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने एक स्लोगन भी लिखा कि जो हर समस्या से करे इन्कार, वो है नाकाम भाजपा सरकार।