नोटिस चस्पा करते अधिकारी
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शुक्रवार की शाम पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की टीम ने महाराजगंज गांव में हिंसा के नामजद आरोपी अब्दुल हमीद सहित करीब 30 घरों की नापजोख की है। उनके अवैध होने व अतिक्रमण हटाने का नोटिस भी चस्पा की गई है। सूत्रों के अनुसार औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र इन पर बुलडोजर की कार्यवाही की जा सकती है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सबसे पहले कार्यवाही अब्दुल हमीद के घर पर हो सकती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नापजोख हुई है, जो अधिकारी नाप जोख करने आए थे उनका कहना था कि सड़क किनारे बने अब्दुल हमीद सहित काफी सारे मकान इस तरह अवैध बने हैं कि उनके कारण कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, इन मकानों को गिराने की बात भी की जा रही थी। बता दें कि अब्दुल हमीद वही नामजद आरोपी है जिसके घर में रामगोपाल मिश्र की गोली मारकर हत्या की गई है।
महराजगंज हिंसा में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार पांचों मुख्य आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस ने सीजेएम आवास पर कड़ी सुरक्षा में पेश किया। वहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। महराजगंज कस्बे में हुई हिंसा के पांच मुख्य हत्यारोपियों को एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नानपारा बाईपास से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। टीम मोहम्मद तालीम उर्फ शब्बू और सरफराज उर्फ रिंकू की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बंदूक और तमंचा को बरामद करने हांडा बसेहरी गई थी, जहां उन्होंने पुलिस से बचकर भागने के लिए लोड बंदूक से फायर कर दिया था। एनकाउंटर में दोनों के पैर में गोली लगी थी।
शुक्रवार सुबह हरदी थाना प्रभारी ने आरोपी अब्दुल हमीद, फहीम और मोहम्मद अफजल का मेडिकल कराया। इसके बाद पांचों आरोपियों को 10:30 बजे सुरक्षा के मद्देनजर दीवानी न्यायालय की जगह कड़ी सुरक्षा में सीजेएम प्रतिभा चौधरी के आवास पर पेश किया गया। लगभग 12:10 बजे सभी को जेल ले जाया गया। गिरफ्तार अफजल ग्राम पंचायत जोत चांदपारा का प्रधान प्रतिनिधि है। उसकी पत्नी अफरोज ग्राम प्रधान है। उसे मुख्य आरोपियों को सरंक्षण देने के आरोप में पकड़ा गया था।