फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहराइच: खेत में काम कर रहे किसान को बाघ ने नोचकर मार डाला, इलाके में दहशत; बीते 10 महीनों में पांच मौतें

Sun, 26 Oct 2025 09:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Tiger attack in bahraich: यूपी के बहराइच जिले में रविवार की शाम एक बाघ ने किसान को हमला करते हुए मार डाला। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। 
विज्ञापन
घटना के बाद रोते-बिलखते परिवार के लोग। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मुखिया फार्म में सरयू नहर पुल के पास रविवार शाम करीब चार बजे बाघ के हमले में किसान संजीत कुमार (21) की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार वह हल्दी के खेत में निराई कर रहे थे, तभी जंगल से निकले बाघ ने उनपर हमला कर दिया।
विज्ञापन


संजीत की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हांका लगाना शुरू किया। इस बीच संजीत ने बाघ से संघर्ष कर बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। ग्रामीणों के शोर मचाने के बावजूद आधे घंटे बाद बाघ मौके से हटा। थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा और रेंजर सुजौली रोहित कुमार ने घटनास्थल पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संजीत करवत लेने के लिए 13 नंबर साइफन क्षेत्र की ओर गए थे। यह बाघ, हाथी और गैंडों का मुख्य प्रवास स्थल है। उसी दौरान बाघ ने हमला कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन


10 महीने में पांच की मौत
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में धर्मापुर के बाद सुजौली रेंज में भी बाघों के हमले होने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। वन्यजीव प्रभाग क्षेत्र में जनवरी से अब तक बाघ के हमलों में पांच लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन

बाघों की दहाड़ से थर्राए ग्रामीण, हमले में अब तक पांच की हो चुकी है मौत

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में धर्मापुर के बाद अब सुजौली रेंज में भी बाघों के हमले शुरू हो गए हैं। इस माह बाघ के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जनवरी से अब तक बाघ के हमलों में पांच लोगों की जान गई है। रविवार को मुखिया फार्म में हुए हमले में युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।सुजौली रेंज के रमपुरवा मुखिया फॉर्म निवासी संजीत कुमार (21) की रविवार को बाघ के हमले में मौत के बाद से गांव के लोग दहशत में हैं, वहीं परिजन बिलख रहे हैं। पत्नी, मां और बच्चों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। घर में मातम पसरा हुआ है।

गांव के लोग अब खेत की ओर जाने से भी डर रहे हैं। इससे पहले जनवरी में भी इसी रेंज में एक ग्रामीण बाघ का शिकार हो चुका है। धर्मापुर रेंज में भी एक माह के भीतर हमलों में एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग अब तक घायल हो चुके हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों के आसपास कम से कम दो से तीन बाघ लगातार घूम रहे हैं, लेकिन अब तक न तो पिंजरा लगाया गया है और न ही ट्रैकिंग टीम नियमित रूप से गश्त कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मौके पर सिर्फ दिखावे के लिए पहुंचते हैं और औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं।

हरखापुर के पूर्व ग्राम प्रधान नवी अहमद ने बताया कि पिंजरा वन रेंज कार्यालय में है, लेकिन अधिकारी आदेश का हवाला देकर इसे नहीं लगा रहे। स्थिति यह है कि गांव के लोग जंगल किनारे खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो वे धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें