मामले पर पर नगीना सांसद ने सवाल उठाए हैं। नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन की मंशा और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पर की गई पोस्ट में कहा कि भारत संविधान से चलने वाला गणराज्य है, कोई मठ नहीं, जहां किसी धार्मिक व्यक्ति को सरकारी सम्मान के तौर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाए।
सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि भारत कोई मठ नहीं, बल्कि एक संवैधानिक गणराज्य है। राज्य किसी धर्म-विशेष की जागीर नहीं। इस स्पष्ट उल्लेख के बावजूद एक कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा परेड और सलामी दी जाती है यह सिर्फ एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि संविधान पर खुला हमला है।
सलामी और परेड राज्य की संप्रभु शक्ति का प्रतीक होती है। यह सम्मान संविधान, राष्ट्र और शहीदों के नाम पर दिया जाता है। किसी कथावाचक, बाबा या धर्मगुरु का रुतबा बढ़ाने के लिए नहीं। यह घटना बताती है कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन अब संविधान के प्रति जवाबदेह नहीं, बल्कि धार्मिक सत्ता के आगे नतमस्तक है। यह एक खतरनाक परंपरा की ओर इशारा करता है, जहां राज्य धीरे-धीरे अपने संवैधानिक चरित्र को त्याग रहा है। सांसद चंद्रशेखर की यह पोस्ट काफी चर्चाओं में है।