शेयर में रकम डूबने पर सिंचाई विभाग के बाबू ने दी थी जान
लखनऊ। सरोजनीनगर में रविवार रात सेक्टर-ई एलडीए कॉलोनी निवासी सिंचाई विभाग में बाबू शिवाशीष (26) ने शेयर मार्केट में रकम डूबने के कारण आत्महत्या की थी। इसका खुलासा पुलिस को कमरे से मिले सुसाइड नोट से हुआ है।
शिवाशीष मां पुष्पा देवी के साथ रहते थे। डेढ़ साल पहले पिता भरत सिंह की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। शिवाशीष को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। उनकी बहन शिवांगना बंगलूरू में आईटी कंपनी में नौकरी करती हैं। रविवार रात दस बजे पुष्पा देवी कुछ काम से बाहर गई थीं। इस बीच शिवाशीष ऑक्सीजन सिलिंडर खरीद कर लाए थे। खुद को कमरे बंद कर सिलिंडर चालू करके पाइप अपने मुंह में लगाया था। फिर पन्नी से चेहरा व सिर लपेट लिया था।
कुछ देर बाद जब उनकी मां पहुंची तो बेटे का कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर जवाब नहीं मिला तो पुलिस व पड़ोसियों को जानकारी दी थी। इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति व उनकी टीम जब दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुए तो शिवाशीष बेड पर पड़े थे। लोकबंधु अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
मां मुझे माफ करना, मैं अब किसी लायक नहीं बचा
इंस्पेक्टर ने बताया कि सुसाइड नोट में शिवाशीष ने लिखा था कि...मां मुझे माफ करना। मैंने अपना पूरा पैसा जहां लगाया था वह डूब गया है। मुझे माफ करना मैं किसी लायक नहीं बचा हूं।