बाबरी केस में लखनऊ में रामविलास वेदांती समेत पांच लोगों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट में शनिवार को सरेंडर किया। वेदांती के अलावा चम्पत राय, बीएल शर्मा, महंत नृत्य गोपालदास और धरम दास शामिल रहे। सभी सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में एक समन के बाद पहुंचे थे। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 20-20 के मुचलके पर जमानत दे दी है। सतीश प्रधान खराब स्वास्थ्य के चलते नहीं पेश हुए थे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्यवंस मामले में सुनवाई के दौरान फैसला दिया था बीजेपी के वरिष्ठ नेता आडवाणी, जोशी, कल्याण सिंह सहित भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चलेगा।
सीबीआई ने कोर्ट में अपील की थी कि इन नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने के तहत मुकदमा चलाई जाए। सीबीआई की अपील को सुप्रीम कोर्ट ने मान ली थी। इस केस लखनऊ सेशन कोर्ट में चल रहा है। अगली सुनवाई में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी आ सकते हैं।
बीते छह अप्रैल को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस तरह के मामले में इंसाफ के लिए हमें दखल देना होगा। यह देखते हुए तकनीकी कारणों से आडवाणी सहित इन नेताओं पर लगे आपराधिक षड्यंत्र के आरोप हटाए गए थे, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था हम इसके लिए संविधान के अनुच्छेद-142 (सुप्रीम कोर्ट को मिले विशेषाधिकार) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी सवाल किया था कि इस मामले में एक ही षडयंत्र हैं तो इसके लिए दो अलग-अलग ट्रायल क्यों? पीठ ने कहा था कि हम हाईकोर्ट से यह कह सकते हैं कि वह इस मामले के संयुक्त ट्रायल के लिए एक जज को नियुक्त करें, जो समयबद्ध तरीके से सुनवाई करें, जिससे कि इस मामले की सुनवाई दो वर्षों में पूरी हो सके।