कोरोना संक्रमण का असर लखनऊ विश्वविद्यालय में स्नातक आवेदन की प्रक्रिया पर साफ देखा जा रहा है। हर साल अभ्यर्थियों की आखिरी पसंद माने जाने वाले बीए पाठ्यक्रम की पिछले साल के मुकाबले इस साल डिमांड बढ़ी है।
अब तक सात हजार आवेदन हो चुके हैं जबकि अभी तक किसी बोर्ड का नतीजा घोषित नहीं हुआ है, इसलिए माना जा रहा है कि इसमें अभी काफी इजाफा होगा। जबकि हर साल बीए छात्रों के लिए अंतिम विकल्प होता है। इसकी बीकॉम के बाद दूसरे नंबर पर बीएससी के बजाय बीए पाठ्यक्रम है।
विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सीधी वजह कोरोना संक्रमण का डर है। हर साल लखनऊ से दिल्ली जाकर बीए और बीए आनर्स की पढ़ाई करने वालों की अच्छी-खासी संख्या रहती थी। मगर कोरोना के डर से इस बार अभिभावक अपने बच्चों को लखनऊ से बाहर नहीं भेजना चाह रहे हैं।
बीए ऑनर्स के लिए दिल्ली जाने का रहा है ट्रेंड
यही वजह है कि इस साल लविवि में बीए के आवेदकों की संख्या बढ़ रही है। लविवि में आवेदन की अंतिम तारीख तीन बार बढ़ाई जा चुकी है और चौथी बार बढ़ाने की तैयारी है। दूसरी ओर बीए पाठ्यक्रम में पंजीकरण का आंकड़ा पिछली बार की संख्या से आगे निकल चुका है। लविवि में बीए की 1270 और बीए ऑनर्स की 440 सीटें हैं। इस साल इन पर दाखिले के लिए अभी ही सात हजार पंजीकरण हो चुके हैं। पिछली बार यह आंकड़ा 6 हजार के करीब था।
लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा के अनुसार लखनऊ के काफी विद्यार्थी बीए ऑनर्स की पढ़ाई करने के लिए हर साल दिल्ली का रुख करते हैं। इस साल अचानक बीए की डिमांड बढ़ने का कोई विशेष कारण नजर नहीं आता सिवाय कोविड-19 संक्रमण के भय के। अभिभावक अपने बच्चों को इस समय दिल्ली या किसी अन्य शहर में नहीं भेजना चाहते। यही वजह है कि लविवि में इस साल बीएससी से ज्यादा पंजीकरण बीए के लिए हुए हैं
37 हजार से ज्यादा पंजीकरण
लविवि में दाखिले के लिए अब तक कुल 37 हजार पंजीकरण हुए हैं। पिछले साल यह संख्या 45 हजार के करीब थी। लविवि में स्नातक स्तर पर करीब 3,500 सीटें हैं। दाखिले की अंतिम तारीख 13 जून निर्धारित है। हालांकि अंतिम तारीख 30 जून तक बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
पाठ्यक्रम सीटें पंजीकरण
(लगभग)
बीकॉम 870 11000
बीए 1710 7000
बीएससी मैथ्स 470 5000
बीएससी बायो 280 2500
एलएलबी 120 3000
बीसीए 60 1200
लविवि में इस साल बीए पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। कोविड-19 से इंफेक्शन की वजह से अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे शहर भेजने से बच रहे हैं। लविवि में बीए के साथ ही ऑनर्स पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है। इस वजह से लविवि में बीए के लिए पंजीकरण बढ़ रहे हैं। - प्रो. अनिल मिश्रा, प्रवेश समन्वयक लविवि