प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री आजम खां ऐतिहासिक इमारत ताजमहल को वक्फ संपत्ति घोषित करने और उसका मुतवल्ली बनने की चाहत रखते हैं।
वहीं राजधानी स्थित ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फरंगी महली ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर ताजमहल परिसर की मस्जिद में पांचों वक्त नमाज पढ़ने की इजाजत देने की मांग की।
दरअसल, बुधवार को यहां आयोजित वक्फ कॉन्फ्रेंस के पहले सत्र में आजम खां मुतवल्लियों की वक्फ संपत्तियों से जुड़ी समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच उर्दू अनुवादकों की काहिली का जिक्र छिड़ा तो आजम ने ताज पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि उर्दू अब वही चलेगी, जिसमें नुक्ता कम हो। शायद यही वजह है कि शाहजहां ने महबूबा के याद में बनवाई इमारत का नाम मुमताजमहल न रखकर ताजमहल रखा।
इसके बाद समस्याएं सुनते-सुनते बोले, बड़े खुशनशीब हैं वह कि किसी कमेटी में नहीं हैं।