आंदोलनों में जेल जा चुके मदरसा शिक्षक भी अब राज्य पुरस्कार पा सकेंगे।
प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की पुरस्कार वितरण नियमावली में यह व्यवस्था करने जा रही है। इस संशोधन के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।
वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ऐसे मदरसा शिक्षकों को राज्य पुरस्कार पाने से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
राज्य सरकार ने इस साल से मदरसा शिक्षकों को भी राज्य पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है।
इसके तहत हर साल प्रदेश के छह मदरसा शिक्षकों को सम्मानित किया जाना है। इसके लिए भी बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों की ही तर्ज पर पुरस्कार देने के लिए नियमावली बनाई गई।
इसे विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद आठ जुलाई की कैबिनेट में रखा भी गया। लेकिन मंत्री ने इसमें संशोधन करने के निर्देश दे दिए।
आखिर संशोधन की जरूरत क्यों
दरअसल, बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों की नियमावली में साफ है कि ऐसे शिक्षक जो किसी भी वजह से जेल गए हों, उन्हें राज्य पुरस्कार नहीं दिया जा सकता है।
इसी नियमावली की तरह ही अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ ने भी नियमावली तैयार की थी। लेकिन विभागीय मंत्री मो. आजम खां ने इसमें संशोधन कर कैबिनेट की बैठक में रखने के लिए कहा है।
अब नियमावली में उस बिंदु को हटाया जा रहा है जिसमें यह प्रतिबंध था कि आंदोलनों में शामिल होने वाले या फिर जेल जा चुके शिक्षक इसमें शामिल नहीं किए जाएंगे।
राज्य पुरस्कार में यह मिलेगा
राज्य पुरस्कार के तहत हर शिक्षक को 10 हजार रुपये नगद, एक प्रशस्ति पत्र व शॉल भेंट की जाएगी। इसके अलावा इन शिक्षकों को भी रोडवेज की बस में 4000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा।
हालांकि यह सुविधा केवल उसी साल मिलेगी जिस साल उन्हें सम्मान मिलेगा। जबकि बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों को पूरी नौकरी रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलता है।
किस कक्षा में पढ़ाने वाले कितने शिक्षक होंगे सम्मानित
तहतानिया (कक्षा एक से पांच तक)- दो
फौकानिया (कक्षा छह से आठ तक)- दो
आलिया (कक्षा नौ व 10)- दो