फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसर को महंगी पड़ गई खां साहब की लॉबिंग

Mon, 20 Oct 2014 11:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर वाले खां साहब जल्दी किसी की तारीफ नहीं करते। अगर सार्वजनिक रूप से किसी की तारीफ करें तो और भी बड़ी बात है।
विज्ञापन


बीते दिनों एक कार्यक्रम में खां साहब ने एक वरिष्ठ नौकरशाह की शान में जमकर कसीदे गढ़े। ये नौकरशाह सूबे के प्रशासनिक प्रमुख भी रह चुके हैं।

बात दीगर है कि वे अपने लंबे अनुभव का फायदा सरकार को नहीं दिला सके और सरकार को उन्हें हटाना तक पड़ा।

अब ये नौकरशाह एक संवैधानिक पद के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। खां साहब उनके लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

संवैधानिक पद पर चयन के लिए बैठक की तारीख मुकर्रर कर दी गई। इसी बीच सरकार को खां साहब के रुख का पता चल गया। बस क्या था। बैठक टाल दी गई।

कहा तो यहां तक जा रहा है कि सरकार उन्हें नियुक्त तो करना चाहती है लेकिन इसका श्रेय खां साहब को मिले यह कतई नहीं चाहती।

यही वजह है कि चयन समिति की बैठक ही टाल दी गई। चुटकी ली जा रही है कि कहीं उन्हें खां साहब की पैरवी तो भारी नहीं पड़ रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें