नगर निगम संशोधन बिल राष्ट्रपति को भेजे जाने पर नगर विकास मंत्री आजम खां ने एक बार फिर राज्यपाल के रुख पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि आखिर राज्यपाल भ्रष्ट मेयरों को क्यों बचाना चाहते हैं।
राजधानी में बृहस्पतिवार को विकास कार्यों का शिलान्यास करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में आजम ने कहा कि अफसर से गड़बड़ी हो तो उसे जेल भेज दिया जाता है, लेकिन मेयर गबन भी कर ले तो उसके खिलाफ कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है।
इसे देखते हुए 60 वर्ष पुराने कानून को बदलने के लिए यह संशोधन बिल तैयार कराया गया था। फिर भी राज्यपाल को यह पसंद नहीं आया।