राजधानी में बुधवार को वकीलों द्वारा किए गए बवाल का मुद्दा बृहस्पतिवार को विधानसभा में गूंजा। बसपा, भाजपा व कांग्रेस के सदस्यों ने यह मामला उठाते हुए कहा कि अराजकता का माहौल पैदा हो गया है।
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि जो अदालत में कानून की दुहाई देते हैं, उनका यह आचरण गंभीर मामला है और पढ़े-लिखे समाज का सिर झुकाने के लिए काफी है। पूरे सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए।
जो खुद को कानून का रखवाला बताते हों और सड़क पर सरेआम हाथ में रिवॉल्वर लेकर लहराते हों, उन पर सरकार कौन-सा बल प्रयोग करती? सरकार ने जिस तरह संयम से काम लेकर स्थिति को संभाला, उसकी तारीफ की जानी चाहिए।