नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर सोमवार को तीखा पलटवार किया।
मौलाना जव्वाद का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि धार्मिक मंच से आरएसएस के एजेंडे का प्रचार करने वाला इस्लाम के नाम पर कलंक तो हो सकता है, पर धर्मगुरु नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा यह धर्मगुरु चाहते हैं कि आरएसएस मुसलमानों के साथ सीरिया व ईराक जैसा बर्ताव करे। आजम ने कहा, तथाकथित धर्मगुरु सीबीआई जांच के नतीजे आने का इंतजार करें।
वह वक्त दूर नहीं है जब वक्फ की जायदादों को से बेचे जाने में उनका, उनके परिवार और चहेतों के नाम सर-ए-फेहरिस्त होंगे।
जव्वाद धार्मिक व्यक्ति नहीं, ब्लैकमेलर
आजम खां ने कहा कि रमजान के मुकद्दस महीने में यहूदी लॉबी और भाजपा सरकार को खुश करने के लिए रोजेदारों को लाठी-गोली खाने को उकसाने वाला, प्रदेश को अराजकता के हवाले कर देने वाला कोई धार्मिक व्यक्ति नहीं, सिर्फ ब्लैकमेलर हो सकता है।
उन्होंने कहा, शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव से दहशतजदा ये तथाकथित धर्मगुरु चुनाव में मुकाबला करने के बजाय उन चौराहों पर हाजिरी दे रहे हैं, जिन्हें चुनाव के वक्त गालियां दे रहे थे और चुनाव बाद सबक सिखाने की बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा तथाकथित धर्मगुरु चुनाव से इसलिए भाग रहे हैं क्योंकि उसके पास अपनी शिया बिरादरी के एक चैथाई मेंबर भी नहीं हैं।
लगाया कब्रों की जगह बेचने का आरोप
आजम खां के अनुसार, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ जहर उगलने वाले तथाकथित धर्मगुरु मुसलमानों को आरएसएस के हाथों बर्बाद कराना चाहते हैं।
लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि धार्मिक वेशभूषा धारण कर लेने से कोई मोहतरम नहीं हो जाता। कब्रों की जगह बेचने वाले वक्फ के मुहाफिज नहीं हो सकते।
जौहर यूनिवर्सिटी के लिए सीबीआई जांच का अरमान रखने वाले तथाकथित धर्मगुरु अपने फासिस्ट आकाओं से यह अरमान भी पूरा कराएं ताकि मुसलमानों को यह मालूम हो सके कि मीर जाफर और मीर सादिक अब भी जिंदा हैं।
अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे आजम
वहीं आजम खां के मौलाना कल्बे जव्वाद के खिलाफ दिए गए बयान पर मौलाना जव्वाद खामोश हैं लेकिन उनके समर्थक व शिया समुदाय में काफी रोष है।
समर्थकों का कहना है कि आजम खां किसी भी धर्म के धर्मगुरु पर इस तरह के आरोप लगाकर अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे शिया समुदाय ही नहीं, सुन्नी समुदाय भी आहत है।
इस पर मौलाना कल्बे जव्वाद ने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उनके समर्थकों में काफी रोष है।
मुसलमान तो सपा के साथ्ा
हुसैनी टाइगर्स के अध्यक्ष शमील शम्सी का कहना है कि आजम खां किसी धर्मगुरु को अपशब्द कहकर अपनी हद व मर्यादा भूल गए हैं।
मुसलमानों के ठेकेदार बने मोहम्मद आजम खां समझ लें कि मुसलमान सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़ा है, जिन्होंने हमेशा धर्मगुरुओं का सम्मान किया है।
आजम खां विवादित बयान देकर मुसलमानों को गुमराह करना छोड़ दें। उधर, अंजुमन ए हाय अजा की सैकड़ों अंजुमनों व नूर ए हिदायत फाउंडेशन के साथ मोमिन अंसार सभा ने भी आजम के बयान पर अफसोस जताते हुए निंदा की है।