नगर विकास मंत्री आजम खां ने बिहार की नवादा लोकसभा सीट से प्रत्याशी गिरिराज सिंह के बयान को राष्ट्रविरोधी और गैर इंसानी ठहराया है।
उन्होंने चुनाव आयोग से उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
साथ ही कहा कि लगता है कि भाजपा दशानन वाली सभ्यता को निभाते हुए ऐसे मौके पर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही है जब नई सरकार के बनने का इंतजार हो रहा है।
'भाजपा के फासिस्ट मंसूबों की खुली पोल'
नरेंद्र मोदी की सत्ता में रुकावट पैदा करने वाली ताकतों को पाकिस्तान परस्त बताने और उनका मक्का-मदीना पाकिस्तान में होने संबंधी गिरिराज के बयान पर बुधवार को आजम खां ने तीखी प्रतिक्रिया जताई।
उन्होंने कहा कि ये बयान भाजपा के फासिस्ट मंसूबों की खुली अभिव्यक्ति हैं।
संविधान के अनुसार ऐसा बयान न सिर्फ असंवैधानिक, गैरकानूनी, मुजरिमाना और देश को खंडित करने वाला है बल्कि गैर इंसानी भी है।
ऐसा लगता है कि भाजपा गिरिराज सिंह से जानबूझ इलेक्शन के दौरान और अब सरकार बनने से पहले ऐसे बयान दिलवाकर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
फिर घेरा चुनाव आयोग को
आजम ने मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो शख्स अपनी पार्टी के एक प्रत्याशी की जुबान पर लगाम नहीं लगा सकता, उससे देश के सेकुलर संविधान और तहजीब की रक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
उन्होंने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता अभी समाप्त नहीं हुई है न ही इलेक्शन कमीशन का नोटिफिकेशन अभी समाप्त हुआ है इसलिए गिरिराज के बयान और राजनीतिक गतिविधियां चुनाव आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं है।
इन हालात में गिरिराज के राष्ट्रविरोधी और खतरनाक बयान पर चुनाव आयोग की उदासीनता कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या था भाजपा नेता गिरिराज का बयान
बिहार की नवादा लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार गिरिराज ने कहा, ‘आतंकवाद का मुद्दा एक देश से जुड़ा हुआ है न कि समुदाय से, आखिर क्यों सेक्युलर नेता उस समय चुप रहते हैं जब आतंकवाद के मामले में एक खास समुदाय का व्यक्ति गिरफ्तार होता है।’
उनका कहना था, ‘मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उस समुदाय के सभी लोग आतंकी हैं, लेकिन जो भी पकड़ा जा रहा है, वह उसी समुदाय से है।
यह मानसिकता देश के लिए बेहद खतरनाक है। यह छद्म धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीयता का आदर्श उदाहरण है। ये लोग वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।’