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फिर भड़के आजम, इस बार बसपा पर उगली आग!

Thu, 19 Feb 2015 07:38 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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कानून-व्यवस्था व प्रदेश में आलू के बीज की कमी को लेकर बसपा के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को प्रश्न प्रहर में दो बार विधानसभा से बहिर्गमन किया।
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सुबह प्रश्न प्रहर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार व अपहरण की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार अपराधियों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

मौर्य ने कहा कि सदन की कार्यवाही रोककर पहले कानून-व्यवस्था पर चर्चा कराई जाए। भाजपा के सतीश महाना भी बसपा के सुर में सुर मिलाने लगे जबकि कांग्रेस के नेता प्रदीप माथुर व रालोद के दलवीर सिंह स्वाइन फ्लू पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
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इस पर आजम खां ने कहा कि प्रदेश में कोई अराजकता का माहौल नहीं है। अलबत्ता बसपा अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा चुनावी लाभ के लिए यह सब कर रही है। बसपा के सदन से बहिर्गमन के बाद आजम ने कहा कि सरकार ने अराजकता पर काबू किया है और आगे भी रोकेगी।
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अध्यक्ष को खुद करना पड़ा चर्चा के लिए अनुरोध

अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदस्यों से प्रश्न प्रहर चलने देने का अनुरोध करते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बोलने का मौका देंगे। अध्यक्ष द्वारा प्रश्न प्रहर में कानून-व्यवस्था पर चर्चा की अनुमति न दिए जाने पर बसपा सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।

इसके बाद आलू बीज की कमी को लेकर बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह के सवाल पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बसपा सदस्यों सरकार पर यह आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में आलू बीज उपलब्ध नहीं हो पाया।

इससे पहले उद्यान मंत्री ने आलू बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए दावा किया कि अगले साल से इसमें कमी नहीं होगी।

आपको भी सीएम से मिलने का टाइम नहीं मिलता
विधानसभा में प्रश्न प्रहर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी के दौरान उनसे मिलकर अर्जियां थमाने वालों का तांता लगा रहा। सवाल-जवाब के बीच भी यह सिलसिला जारी रहा।

अध्यक्ष द्वारा कई बार टोकने के बाद भी सदस्य व मंत्री नहीं माने। जब कुछ मंत्री भी मुख्यमंत्री की सीट के पास जाकर अर्जियां थमाने लगे तो अध्यक्ष ने थोड़ा सख्त लहजे में कहा कि क्या आपको भी मुख्यमंत्री से मिलने का टाइम नहीं मिलता?
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