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जेल से छूटे आजम: नहीं गया कोई बड़ा नेता, चर्चाओं में आई ये राजनीतिक दूरी; लगने शुरू हुए राजनीतिक कयास

Tue, 23 Sep 2025 10:13 PM IST
रोहित मिश्र अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Azam released from jail:आजम खां 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए। वह सीतापुर जेल से रामपुर पहुंचे। उनके छूटने पर कोई भी बड़ा समाजवादी नेता अगवानी के लिए नहीं गया। 
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आजम से मिलने नहीं गए अखिलेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां मंगलवार को जेल से रिहा हुए, पर उनके स्वागत के लिए कोई बड़ा समाजवादी नेता नहीं पहुंचा। उनके समर्थन में बयान और पोस्ट जरूर आईं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि ऐसा सपा ने किसी रणनीति के चलते किया या फिर कोई दीगर मजबूरी थी। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र आने पर आजम खां की चुप्पी भी कई सवाल छोड़ गई।

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जेल से बाहर आने पर आजम खां ने मीडिया के उन सभी सवालों और कयासों का जवाब दिया, जिन्हें देना उन्होंने जरूरी समझा। मीडिया कर्मियों ने उन्हें जब बड़ा नेता कहा तो अपने अंदाज में ही आजम बोले कि बड़ा नेता होता तो जेल से छूटने पर कोई बड़ा नेता मिलने न आया होता।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को ही कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आजम खां के खिलाफ लगे सभी केस वापस होंगे। यह बात जब आजम को बताई गई तो वे सिर्फ मुस्कुराकर रह गए। आजम खां ने स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं कहा, पर उनके लहजे से यह जरूर लग गया कि पार्टी संगठन के लिहाज से स्थितियां कोई सहज नहीं हैं।
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सपा के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि भाजपा यह चाहती है कि सपा आजम खां के मुद्दे पर अधिक से अधिक एक्शन में दिखे। इससे भाजपा को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण का अवसर मिलेगा। वहीं, सपा यही नहीं चाहती। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव धार्मिक ध्रुवीकरण को रोकने के लिए ही इटावा में भव्य मंदिर बनवा रहे हैं। इसे राममनोहर लोहिया के ''हिंदू बनाम हिंदू'' दर्शन पर आधारित उदार हिंदुत्व की ओर सपा का बढ़ता कदम भी माना जा रहा है।

यही वजह रही कि सपा के बड़े नेताओं ने मंगलवार को आजम खां के स्वागत कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी। वहीं, 2022 में जब आजम खां जेल से छूटे थे, तब पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव उनके स्वागत के लिए जेल के बाहर पहुंचे थे। इस बार मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा और कुछ स्थानीय नेता ही उनके स्वागत के लिए पहुंचे। सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने आजम की रिहाई की खुशी में एक-दूसरे को लड्डू जरूर खिलाए।

सपा के एक रणनीतिकार नाम न छापने के अनुरोध के साथ कहते हैं कि आजम खां के मूड का कुछ पता नहीं होता। कब, किसे और क्या बोल दें। इसलिए उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए और सहमति लिए कोई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने जाना उचित नहीं समझता। सपा के वरिष्ठ नेता शीघ्र ही उनसे मिलने रामपुर जाएंगे।

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बसपा में जाने की अटकलों पर बोले-अभी कुछ कह नहीं सकता

आजम ने मंगलवार को जहां सपा को लेकर कोई गर्मजोशी नहीं दिखाई, वहीं बसपा में जाने के सवाल पर कहा कि अभी कुछ कह तो नहीं सकता। साथ ही कहा कि यह केवल वही लोग बता सकते हैं जो अटकलें लगा रहे हैं। विगत पांच साल अधिकांश समय जेल में रहने के कारण उनका किसी से कोई राफ्ता (संपर्क) नहीं बना।


 

किस सवाल पर क्या बोले आजम

क्या सरकार बदला ले रही है
इस सवाल पर आजम बोले : बदले का सवाल तो वहां पैदा होता है, जहां मैंने किसी के साथ कोई खराब बर्ताव किया हो। मेरा सुलूक तो सबके साथ अच्छा रहा।

आगे क्या करेंगे, बोले-पहले सेहत ठीक करेंगे
इस पर आजम ने जबाब दिया कि सेहत ठीक करेंगे और इलाज कराएंगे।
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सपा सरकार बनने पर आजम खां पर लगे सभी मुकदमे होंगे वापस -अखिलेश

अखिलेश यादव ने आजम खां की रिहाई पर कहा कि कि हम कोर्ट का धन्यवाद करते है। भरोसा था कि कोर्ट न्याय करेगा। भाजपा सरकार ने उन पर झूठे मुकदमे लगाए। अब उन्हें न्याय मिला है। हम सभी के लिए यह खुशी का दिन है। उन्होंने हजरतगंज में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से कहा कि सपा सरकार बनने पर आजम खां साहब लगे मुकदमे खत्म होंगे। जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने, उप मुख्यमंत्री और अन्य तमाम भाजपाइयों के मुकदमे वापस लिए है, वैसे ही समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खां पर लगे सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। साथ ही कहा कि पत्रकारों पर लगे मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे।

जाति के आधार पर हो रहा भेदभाव
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा भेदभाव की राजनीति करती है। जाति के आधार पर पोस्टिंग होती है। गोरखपुर में सबसे ज्यादा पोस्टिंग एक ही जाति के लोगों को मिली। यूपी एसटीएफ की पोस्टिंग में भी जाति सर्वोपरि है। मुख्यालय के ठेके भी एक ही जाति के लोगों को मिले हुए है। जाति को लेकर जब कोर्ट का फैसला आया है, तब सरकार जागी है। भाजपा पीडीए की एकजुटता से घबराई हुई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जाति को लेकर कोर्ट का फैसला आया है। हमें उम्मीद है कि भविष्य में कोर्ट जाति और जातीय भेदभाव खत्म करने के बारे में रास्ता बताएगा। ताकि, कोई जाति के आधार पर किसी का घर-मकान गंगा जल से न धुलवा पाए। कोई जातीय भेदभाव के आधार पर मंदिर न धोने पाए।

सपा के झंडा लगी गाड़ियों का चालान करवाती है सरकार
उन्होंने कहा कि सीतापुर में समाजवादी पार्टी का झंडा लगी गाड़ियों का चालान कर दिया गया। समाजवादी पार्टी की गाड़ी अगर पार्किंग में भी खड़ी होती है और झंडा लगा है तो सरकार चालान करवा देती है।

झूठ और साजिश की होती है मियाद
उधर, सोशल मीडिया पर अखिलेश ने लिखा कि न्याय में विश्वास को बनाए रखने के लिए अदालत का दिल से शुक्रिया। फर्जी मुकदमे करने वालों को भी ये सबक मिल गया है कि हर झूठ की एक मियाद होती है और हर साजिश की भी। जो लोग सामाजिक सौहार्द के प्रतीक होते हैं, भाजपा को वो कभी अच्छे नहीं लगते हैं।



 
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