भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने समाजवादी पार्टी नेताओं पर सपा के कद्दावर मंत्री आजम खां के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
वाजपयी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक आजम के इशारों के गुलाम बने हुए हैं।
किसी में भी आजम के हुक्म की अनदेखी करने की हिम्मत नहीं है। वाजपेयी ने सपा पर और भी कई हमले किए।
उन्होंने कहा कि सपा नेता उल्टे-सीधे और सस्ती भाषा में आरोप लगाने से बाज न आए तो भाजपा उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। वाजपेयी ने एसआईटी की रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताया। कहा कि सपा सरकार सिर्फ मुस्लिम तुष्टीकरण ही कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि आगरा की रैली अब तक हुई सभी रैलियों से बहुत बड़ी होगी। इसके लिए सारी तैयारी कर ली गई हैं। वह रविवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे।
जुबान संभालें रामगोपाल यादव
वाजपेयी ने कहा कि रामगोपाल यादव को जुबान संभालकर भाजपा नेताओं पर आरोप लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव अगर यह कह रहे हैं कि मोदी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजनाथ सिंह को चपरासी बनाए घूम रहे हैं तो लगता है कि वह अपने साथ आजम के व्यवहार का दर्द ही बता रहे हैं।
वाजपेयी ने कहा कि मोदी के साथ राजनाथ तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते संगठन की योजना के अनुसार चल रहे हैं। पर, रामगोपाल से लेकर मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पूरे कुनबे की ऐसी कौन सी मजबूरी है जो वह और उनका पूरा कुनबा आजम सामने घुटनों के बल चलने लगता है।
पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की बानगी
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एसआईटी आरोप पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की बानगी है। यह पूरी रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है। जिन धाराओं में आरोपी भाजपा विधायक संगीत सोम व सुरेश राणा पर रासुका लगा दी गई।
उन्हीं धाराओं के आरोपी मौलाना नजीर को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। भाजपा इस मामले पर विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी।
इसमें रासुका लगाने की रिपोर्ट तैयार करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता, जिलाधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक व गृह सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। वाजपेयी ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की भी मांग की।