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'गंगा में मिले शवों का मखौल उड़ा रहे हैं आजम'

Tue, 20 Jan 2015 08:46 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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लगता है आजम खां विवादों में आने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं, इसलिए इस बार उन्होंने एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर बयान देकर मुश्किल झेली।
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भाजपा ने आजम खां के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्नाव में मिले शवों को सांसद साक्षी महाराज ने फेंका है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन को दाऊद और आतंकवादियों के पैसे से मनाने वाले आजम की स्थिति प्रदेश के लोगों के बीच हास्यास्पद और अप्रासंगिक हो गई है।

उन्होंने कहा, मामला बढ़ने पर एक तरफ मुख्यमंत्री ने शवों के मिलने पर जांच का आदेश दिया है। वहीं, उनके मंत्रिमंडल के कद्दावर मंत्री अनाप-शनाप बोलकर शवों का मखौल उड़ा रहे है।
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सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि वह आजम के बयान से सहमत है कि नहीं ? यदि सहमत नहीं है तो मुख्यमंत्री को ऐसे मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए।

यह था पूरा मामला, मच गया था हड़कंप

उन्नाव जिले के परियर गावं स्थित गंगा घाट पर मंगलवार को अचानक 104 शव मिलने से सनसनी फैल गई। आसपास के गांवों के लोग इकट्ठा हो गए। शवों के उतराए होने की जानकारी मिलते ही कानपुर आईजी समेत कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे।

बुधवार सुबह घाट पर डीएम समेत प्रशासन और पुलिस फोर्स पहुंची। शवों की दुर्दशा देख सफाईकर्मियों ने शव निकालने से इंकार कर दिया था।

मंगलवार को भी बदबू के चलते अफसर और फोरेंसिक एक्सपर्ट ज्यादा देर तक वहां खड़े नहीं रुक सके थे। पुलिस का कहना है कि शव महिला और पुरुषों दोनों के हैं। मंगलवार देर रात समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजयेपी ने दफनाने का कार्य रोकवा दिया था।

उन्होंने कहा कि पहले पोस्टमार्टम कराया जाए और फिर शासन से मिलने वाले पैसे से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाए। परियर घाट के आसपास अंतिम संस्कार किया जाता है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने नालों और टेनरियों का गंदा पानी गंगा में जाने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में गंगा का जलस्तर कम हो गया।
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लाशों की संख्या पर भी था संशय

हालांकि, लाशों को उसी स्थान पर जेसीबी की मदद से मिट्टी डालकर दफन कर दिया गया। यह कार्यवाही परियर गांव के ग्राम प्रधान व ग्रामीणों की सहमति के बाद की गई।

बुधवार सुबह से ही डीएम सौम्या अग्रवाल की नेतृत्व में डटी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाम तक 81 लाशों की तलाश कर डीएनए टेस्ट के लिए दांतों के नमूने लिए हैं।

फिर हवन और आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने के बाद शवों को दफनाया गया। डीएम ने लाशों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है।

कुछ शव मुख्य धारा में भी देखे गए थे, जिन्हें सफाई कर्मियों ने निकालने से इनकार कर दिया। भाजपाइयों के विरोध को देखते हुए सुबह से ही मौके पर उन्नाव के साथ कानपुर से भी कई थानों की फोर्स व पीएसी भी को बुला लिया गया।

डीएम नहीं दे सकी थीं कोई साफ जवाब
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल से पत्रकारों द्वारा जब पूछा गया कि इतनी बड़ी तादात में लाशें यहां कैसे पहुंचे तो वह गोलमोल जवाब देने लगी थीं। पहले कहा कि लाशों को यहां लाकर ग्रामीणों दफनाया जाता था। उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि कोई घटना के बाद भी यहां शव लाकर फेंका गया होगा।
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