नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर फिर निशाना साधा है। उनका कहना है कि धर्मगुरू के बहनोई और चहेतों के अध्यक्ष रहते वक्फ बोर्ड की जमीनें जितनी बेची गईं, उतनी कभी नहीं हुईं।
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आजम ने कहा कि धर्मगुरूओं का नेता बनने का शौक बड़ा पुराना है। उन्होंने कल्बे जव्वाद पर भाजपा के लिए वोट मांगने का भी आरोप लगाया।
'मोदी नर है तो क्या डर है'
आजम ने कहा कि मुकद्दस का लिबास पहनकर बाबरी मस्जिद को शहीद करने वालों को मुबारकवाद पेश करना और फूलों के गुलदस्ते देना बस धर्मगुरू को ही शोभा देता है।
'मोदी नर है तो क्या डर है' कहने वाले धर्मगुरू ने खुलकर धार्मिक मंच से भाजपा के लिए वोट मांगकर पूरी मुस्लिम कौम का शर्मसार किया है।
आजम ये तक कहने से भी नहीं चूके कि जिसने कौम का सौदा कर लिया हो वह अगर शिया औकाफ का सौदा कर रहा है तो ताज्जुब नहीं किया जा सकता है।
मौलाना ने खाईं हैं दर-दर की ठोकरें
आजम खां यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मौलाना को बोर्ड के चुनाव का विरोध नहीं करना चाहिए, बेहतर होता वह जीतें और अपने भाजपाई आकाओं से केंद्रीय काननू बदलने के लिए गिड़गिड़ाते।
सपा के इस कद्दावर नेता ने मौलाना कल्बे जव्वाद पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि उन्होंने चुनाव टलवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाईं, अगर वह एक बार उनके कान में आकर अपनी बात कहे होते तो वह दर-दर की ठोकर खाने से बच जाते।
चुनाव बाद होगा खुलासा
आजम ने तंज कसते हुए कहा, वाह! धर्मगुरू, झोली में चौदह मेंबर हैं नहीं और आप ठेकेदार बने फिरते हैं।
उन्होंने मौलाना को चुनौती देते हुए कहा कि धर्मगुरू जरा चुनाव हो जाने दीजिए, फिर पता हो जाएगा कि बहनोइ ने शिया जायदादों को कितना लूटा है।
बताते चलें कि सोमवार को भी आजम खां ने मौलाना कल्बे जव्वाद पर निशाना साधते हुए उन्हें मुस्लिम कौम के लिए कलंक बताया था।