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...तो इसलिए सदन में हंगामा करते हैं भाजपाई

Sat, 15 Nov 2014 01:49 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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‘अध्यक्ष जी, इनके (भाजपा सदस्यों) गले से आवाज नहीं निकल रही है। सीने में दम नहीं रह गया। मुंह से मुर्दाबाद तक नहीं निकल रहा है। इन्हें घी-तेल पिलाइए। एनर्जी दीजिए।’
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संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने शुक्रवार को विधानसभा में यह बात उस वक्त कही जब सदन में हंगामा कर रहे भाजपा सदस्यों की नारेबाजी थम गई।

विधानसभा में कार्यवाही शुरू होने के बाद भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच आजम खड़े हो गए और भाजपा को निकम्मा बताते हुए कहा कि ये अपना निकम्मापन छिपाने के  लिए सदन नहीं चलने देना चाहते हैं।

ये समाज को प्रदूषित कर नफरत फैलाने वाले लोग हैं। समाज के लिए इनके पास कोई संदेश नहीं है। यूपी सरकार विकास कर रही है तो ये उस पर झाड़ू फेर रहे हैं। इसके अलावा इनके पास कोई काम नहीं है।
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उपचुनाव में हार का ठीकरा हमारी सरकार के सिर फोड़ रहे हैं। अध्यक्ष को इसका संज्ञान लेना चाहिए। आजम के तंज कसने के बाद भाजपाइयों को थोड़ा जोश आया और सदन में थोड़े-बहुत नारे सुनाई देने लगे।

आदित्य नाथ मानसिक व शारीरिक रूप से 'अपंग'

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा यूपी सरकार पर भाजपा नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमा कायम किए जाने का आरोप लगाए जाने के सवाल पर आजम ने कहा कि क्या मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में भी फर्जी मुकदमे दर्ज हुए थे?

इसके बाद उन्होंने महंत आदित्य नाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि गोरखपुर के एक भाजपा नेता मानसिक और शारीरिक रूप से ‘डवलप’ नहीं हैं। इनका काम केवल नफरत फैलाना ही है।

गोरखपुर के इस ‘सभ्य’ इंसान को केवल इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है क्योंकि वह यहां से लेकर संसद तक आंसू बहाएंगे जिससे ‘टीयर पॉल्यूशन’ बढे़गा।
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अयोध्या में तो पहले से ही मंदिर

अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर राज्यपाल के बयान के बारे में पूछे जाने पर आजम ने कहा कि वहां तो पहले से ही मंदिर है। अब क्या चाहते हैं? बाबरी मस्जिद ढहा दी गई। अब बचा क्या है?

बस दो समुदाय के लोगों को आपस में भिड़ाने और नफरत फैलाने के लिए इस मुद्दे को जिंदा करने की की कोशिश की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में नसबंदी के दौरान मौत को लेकर पूछे जाने पर कहा कि बेहतर होता अगर पीएम विदेश का दौरा रद्द करके पीड़ितों के आंसू पोंछने जाते।
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