नगर विकास मंत्री आजम खां इस बार सीधे तौर पर नहीं बल्कि उनका विभाग चर्चा में है।
आजम जल निगम के चेयरमैन भी हैं और चुनाव आयोग ने उनके विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी है।
आजम और चुनाव आयोग के बीच इस समय छत्तीस का आंकड़ा है। आयोग ने उनकी सभाओं पर प्रतिबंध लगा रखा है।
ऐसे में उनके अधीन विभाग के कर्मियों को ड्यूटी पर लगाना उनके मातहतों को भी अखर रहा है।
जल निगम के प्रबंध निदेशक पीके आसूदानी चाहते थे कि उनके अधिकारियों और कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी न लगाई जाए फिर भी लगा दी गई।
इसलिए अब वह चाहते हैं कि इसके बदले चुनाव आयोग इन अधिकारियों व कर्मचारियों को उतने दिन के वेतन का भुगतान करे। उन्होंने इसके लिए अफसरों को निर्देश भी दे दिया है।
प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया था कि जल निगम के अधिकारियों व कर्मियों की चुनाव ड्यूटी न लगाई जाए, लेकिन कई जिलों में ड्यूटी लगा दी गई है।
इससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकतर कर्मियों की ड्यूटी लग जाने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सेंटेज भी नहीं मिल रहा है।
इसलिए जल निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए चुनाव कार्य में लगे कर्मियों के लिए उस अवधि के वेतन की मांग जिला निर्वाचन अधिकारियों से की जाए।