नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने मुसलमानों को संभलकर चलने की नसीहत देते हुए कहा कि मीडिया और फासिस्टों को हमारे ऐब बहुत दिखते हैं, ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है।
ऐसा कोई भी काम न किया जाए जिससे कौम बदनाम हो और लोगों को अंगुली उठाने का मौका मिले।
टीपू सुल्तान की 263 वीं जयंती पर गनी तालीमी मरकज की ओर से पर्यटन भवन में बुधवार को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में आजम मुख्य अतिथि थे।
पढ़ें-क्यों खुश हैं धनंजय, अंसारी और कुशवाहा?
उन्होंने राष्ट्रीय एकता में टीपू सुल्तान और मौलाना मो. अली जौहर के योगदान को रेखांकित करते हुए भाजपा की फासिस्ट नीतियों पर निशाना साधा।
अन्य विपक्षी दल भी उनके निशाने पर रहे। उन्होंने लोगों को मौलाना मो. अली जौहर यूनिवर्सिटी देखने के लिए रामपुर आने का न्यौता भी दिया।
आजम ने टीपू सुल्तान से संबंधित किताबों का एक सेक्शन जौहर यूनिवर्सिटी में खोलने का ऐलान किया। साथ ही इसके लिए दान में किताबें भी मांगीं।
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अनीस अंसारी ने कहा कि बाहरी मदद से मुसलमानों का कभी भला नहीं हो सकता।
टीपू सुल्तान के फ्रांस से मदद लेने के अलावा खिलाफत आंदोलन से भी यह बात साबित हो चुकी है।
उन्होंने मुसलमानों से दूसरे गरीब समुदायों के साथ मिलकर विकास की लड़ाई लड़ने का आह्वान भी किया।
संयोजक हाजी अब्दुल नसीर नासिर ने टीपू सुल्तान की जीवनी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग रखी।
पढ़ें-राणा-सोम के सम्मान पर सपा-भाजपा में जंग
इस मौके पर पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। मरकज से जुड़े मो. अमीन अंसारी ने हापुड़ में उर्दूघर के लिए 15 बीघा जमीन देने की घोषणा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना डॉ. सईदुर्रहमान ने की। इस मौके पर डॉ. रुखसाना निकहत लारी, अब्दुल मन्नान, मो. जफर आदि मौजूद रहे।