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आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा : सिर्फ आईसीयू में भर्ती रहे मरीज, दवाएं और जांच का ब्योरा नहीं

Fri, 06 Feb 2026 10:50 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों की जांच में खुलासा हो रहा है। स्टेट हेल्थ एजेंसी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (सांचीज) के पत्र के बाद शुरू हुई जांच में पोल खुल रही है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आयुष्मान योजना में कई निजी अस्पतालों ने जमकर मनमानी की है। ज्यादा बिल बनाने के लिए मरीजों को आईसीयू में भर्ती दिखाया गया। स्टेट हेल्थ एजेंसी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (सांचीज) ने आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान मरीजों को दी गई दवाओं और जांच का ब्योरा मांगा, तो पोल खुल गई। आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों की जांच में यह तथ्य सामने आया है।

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सांचीज के पत्र के बाद सीएमओ ने राजधानी के आठ अस्पतालों की जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस मरीज को आईसीयू में सिर्फ एक या दो दिन रखने की जरूरत थी, उसे आठ से दस दिन भर्ती दिखाया गया। इसका मकसद शासन की ओर से तय राशि आईसीयू वेंटिलेटर बेड का पैकेज 9,900 या फिर बिना वेंटिलेटर 9,350 रुपये प्रतिदिन की वसूली करना था। अधिकारियों का तर्क है कि अगर मरीज आईसीयू में भर्ती रहा है तो उसकी कई जांच और दवाएं भी होंगी। इसका ब्योरा निजी अस्पताल नहीं दे सके। ऐसे में अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

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बीमारी के साथ ही बताना होगा आईसीयू में रखने का कारण
जांच के दौरान अस्पतालों को यह साबित करना होगा कि किन परिस्थितियों में मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया था। यह भी बताना होगा कि उसे कौन सी बीमारी थी।

ये है पूरा मामला: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। निजी अस्पतालों के बिल का भुगतान योजना की राशि के माध्यम से किया जाता है। राजधानी के आठ अस्पतालों की ओर से भेजे गए बिल से पता चला कि उनके यहां ज्यादातर मरीज सिर्फ आईसीयू में रखे गए। ऐसे में सांचीज की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने मामले में जांच के लिए समिति बनाई है।

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि आयुष्मान योजना में आईसीयू में अनावश्यक मरीजों को दिखाने के मामले में जांच समिति बनाई गई है। आयुष्मान योजना के नोडल डॉ. विनय मिश्र की अगुवाई में जांच चल रही है। एक सप्ताह में आरोपी अस्पतालों को जवाब देने को कहा गया है। जांच में दोषी मिलने पर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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इन अस्पतालों के खिलाफ चल रही है जांच

- शान्या ग्लोबल स्कैनिंग एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, विभूति खंड गोमतीनगर।
- डीपी बोरा सुपरस्पेशियलिटी, बीकेटी, सीतापुर रोड।
- होली केयर हॉस्पिटल, देवरी बुखारा, अर्जुनगंज।
- न्यू मैक्स हॉस्पिटल, नवीकोट नंदना, बीकेटी।
- चंद्रावती हॉस्पिटल, नगरिया ठाकुरगंज।
- लखनऊ हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, सिकरौरी हरदोई रोड।
- शिवा हॉस्पिटल, पुर्सेरी रायबरेली रोड।
- केडीएम मेडिकल एंड डेंटल हॉस्पिटल, सेक्टर-12 राजाजीपुरम।
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