लखनऊ। केजीएमयू में आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती मरीजों को बाहर से दवाएं और जांच कराने की शिकायत सामने आई है। कुलपति की सख्ती के बावजूद मरीजों को परेशानी होने का आरोप है।
सुल्तानपुर जिले के भदैया गांव निवासी पूजा सिंह लिवर संबंधी बीमारी, आंतों में सूजन और फेफड़ों में पानी की समस्या से पीड़ित हैं। चार दिन पहले उन्हें केजीएमयू के गांधी वार्ड-दो में बेड नंबर 14 पर भर्ती कराया गया। उनके पति प्रमोद कुमार सिंह किसान हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। आयुष्मान कार्ड की जानकारी देने और आयुष्मान मित्र से प्रक्रिया पूरी कराने के बावजूद डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। छोटी-छोटी परचियों पर दवाएं लिखी जा रही हैं और जांच पर अब तक हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं।
परिजनों का आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद अस्पताल से दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। वहीं, केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि आयुष्मान योजना के मरीजों को जांच और दवाएं मुफ्त मिलनी चाहिए। मामले की जांच कराई जाएगी।