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Lucknow News: प्रभारी के सहारे आयुर्वेद चिकित्सा, संबद्धता से चला रहे काम

Tue, 17 Dec 2024 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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श्रावस्ती। आयुर्वेद व योग पर केंद्र व प्रदेश सरकार का पूरा फोकस है। इसके बावजूद जिले में आयुर्वेद चिकित्सालयों का हाल बेहाल है। यहां अस्पताल ही नहीं पूरा विभाग संबद्धता के सहारे संचालित हो रहा है। जहां चिकित्सक व फार्मासिस्ट ही नहीं विभागाध्यक्ष भी स्वयं प्रभारी हैं।
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असाध्य रोगों को जड़ से मिटाने का दावा करने वाला आयुर्वेद विभाग स्वयं अपनी बीमारी दूर नहीं कर पा रहा है। जिले में विगत कई वर्षों से जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी की तैनाती नहीं है। इसका पदभार बहराइच के जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी के पास है। जिले में आयुर्वेद के 14 चिकित्सालय मौजूद हैं। इनमें से तुलसीपुर में अभी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ का पद ही सृजित नहीं हुआ है।
शेष 13 चिकित्सालयों के लिए मात्र 11 चिकित्सकों की तैनाती है जबकि दो पद रिक्त हैं। वहीं फार्मासिस्ट के 13 पदों के मुकाबले आठ पद पर तैनाती है जबकि पांच पद रिक्त हैं। चतुर्थ श्रेणी के 10 पदों के मुकाबले सात पदों पर तैनाती है। वहीं चौकीदार के छह पदों के मुकाबले चार पदों पर ही तैनाती है। स्वच्छक के सभी दो पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। जिले के एकमात्र यूनानी चिकित्सालय जमुनहा के श्रीनगर में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय व चौकीदार के सभी पदों पर तैनाती है। ऐसे में रिक्त पदों पर संबद्धता के सहारे काम चलाया जा रहा है। यही नहीं जहां चिकित्सक व फार्मासिस्ट नहीं हैं वहां दूसरे अस्पताल के चिकित्सक व फार्मासिस्ट को तीन-तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है। ऐसे में दो चिकित्सकों के अभाव में तीन-तीन दिन चार-चार चिकित्सालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। यही स्थिति फार्मासिस्ट की भी है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
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मार्च तक पूरा हो सकता निर्माण
भिनगा में बन रहे 50 बेड के आयुष चिकित्सालय के निर्माण की समय सीमा डेढ़ वर्ष पूर्व ही पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल निर्माण का कार्य अब भी अधूरा है। भिनगा स्थित राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय का संचालन पुरानी बाजार स्थित एक किराए के भवन में किया जा रहा है। निर्माण पूरा न होने से जहां अस्पताल निर्माण की लागत बढ़ रही है। वहीं मरीजों को भी परेशानी हो रही है। इस बारे में प्रभारी जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी डाॅ. रंजन वर्मा का कहना है कि अस्पताल निर्माण का कार्य मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। तैनाती शासन स्तर का मामला है। फिलहाल वैकल्पिक रूप से काम चलाया जा रहा है।
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