पहले दोपहर भोग आरती के लिए मंदिर एक घंटे के लिए बंद किया जाता था। यही स्थिति संध्या आरती के दौरान भी रहती है। राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी श्रद्धालुओं की भीड़ को अप्रत्याशित बताते हैं। उनका कहना है कि रामलला को ठीक से विश्राम नहीं मिल पा रहा है, मंदिर 18 से 19 घंटे खोलना पड़ रहा है, यह स्थिति व्यवहारिक नहीं है।
सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग में महाशिवरात्रि पर रामनगरी ब्रह्ममुहूर्त से ही बमबम करने लगी। घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक हर-हर महादेव की गूंज... शिवालयों में पूजन सामग्री से सजी थाली लेकर कतारबद्ध भक्त और श्रद्धालुओं से पटी अयोध्या। बुधवार को रामनगरी में यह दृश्य आस्था का चरम प्रदर्शित कर रहा था। रामधुन में लीन रहने वाली अयोध्या पूरी तरह से शिवमय नजर आई। प्रशासन के मुताबिक करीब पांच लाख भक्तों ने जलाभिषेक, पूजन किया। महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुई शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला दिन भर चलता रहा।
अधिकतर ने भोले के मंदिर पर दस्तक देने से पूर्व सरयू में स्नान किया। इसी के साथ ही आस्था का प्रवाह शिव मंदिरों की ओर निकल पड़ा। हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागेश्वरनाथ तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को टेढ़ी बाजार के पीछे से होते हुए करीब चार किलोमीटर तक चलना पड़ा। क्षीरेश्वरनाथ पहुंचने के लिए यह दूरी बढ़कर पांच किलोमीटर हो गई। जैसे ही श्रद्धालु भोलेबाबा की चौखट पर पहुंचे और उनके कानों में हर-हर महादेव की गूंज पहुंची तो उनकी सारी थकान दूर होती नजर आई। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में राम मंदिर के दर्शनार्थी भी खूब उमड़े। दर्शनार्थियों ने रामलला के साथ भोलेबाबा की भी पूजा-अर्चना की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीसीटीवी से मेला क्षेत्र की निगरानी होती रही। मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को परखा।