अयोध्या ढांचा ध्वंस मामले में बुधवार को आने वाले फैसले को लेकर कैसरबाग स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में मंगलवार को दिनभर तैयारियां चलीं। इस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती और विनय कटियार जैसे भाजपा के दिग्गज नेता आरोपी हैं। न्यायालय ने ऐतिहासिक मामले में निर्णय सुनाते वक्त सभी आरोपियों को मौजूद रहने के लिए कहा है। कोर्ट रूम में इतनी जगह नहीं है, इसलिए बाहर गलियारे में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए करीब 50 कुर्सियां लगवाई गई हैं।
पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए 1000 पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसी, एटीएस और बम डिस्पोजल स्क्वॉयड को तैनात किया गया है। विशेष न्यायालय त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेगा। सीसीटीवी कैमरों से न्यायालय परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। विशेष न्यायालय में वकीलों के अलावा किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। मीडिया के लिए गैलरी बनाई गई है। मीडियाकर्मी कैसरबाग से कोर्ट जाने वाले मार्ग से गैलरी तक पहुंचेंगे। स्वास्थ्य भवन वाला रास्ता आरोपियों और पुलिस अधिकारियों के लिए रहेगा।