अयोध्या स्थित ढांचा ध्वंस मामले में भगोड़ा घोषित किए गए आरोपी ओमप्रकाश पांडेय ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। आरोपी की ओर से जमानत की अर्जी देकर कोर्ट को बताया कि उसने घर-द्वार छोड़कर राममंदिर निर्माण होने तक अनुष्ठान करने का संकल्प लिया था। इसलिए वह ऋषिकेश में रहकर अनुष्ठान करते रहे।
जब बीती पांच अगस्त को भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे तो पता चला कि कोर्ट में गैरहाजिरी के चलते उसके खिलाफ कुर्की का आदेश हो चुका है। इस पर विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके बयान दर्ज कराए। बाद में जमानत देते हुए 50 हजार का मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की ओर से इस मामले में सफाई साक्ष्य पेश किया। जबकि अन्य किसी आरोपी ने सफाई में मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तारीख तय करते हुए ओमप्रकाश पांडेय को सफाई साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया है।