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Ayodhya: आचार्य सत्येंद्र दास के निधन से अयोध्या के संत धर्माचार्य शोकाकुल, महंत नृत्य गोपाल ने दी श्रद्धांजलि

Wed, 12 Feb 2025 04:36 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

श्री रामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास के निधन पर अयोध्या के संत धर्माचार्यों ने शोक व्यक्त किया है। बुधवार सुबह लखनऊ पीजीआई में उनका निधन हो गया।

 
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आचार्य सत्येन्द्र दास (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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श्री रामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास जी महाराज का साकेतवास हो गया। आज माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन बुधवार प्रातः सात बजे के लगभग उन्होंने पीजीआई लखनऊ में अंतिम सांस ली। वे वर्ष 1992 से रामलला की सेवा पूजा कर रहे थे।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सहित अयोध्या धाम के संत धर्माचार्यों ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया और कहा कि पुजारी जी ने लगभग 32 वर्ष के सेवाकाल में अनेक उतार चढ़ाव देखे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था में मंदिर के अर्चक होने के कारण सहयोगी बने रहे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास महाराज ने सत्येंद्र दास के निधन पर कहा कि यह नश्वर संसार है। सभी को एक दिन मुक्त होना है। धार्मिक जीवन मूल्यों के प्रति संवेदनशील सदपुरूष की मृत्यु नहीं होती। उनकी ओर से किए गए सद्कार्य उन्हें चिरकाल तक समाज के मस्तिष्क पर जीवंत रखते हैं। सत्येन्द्र दास जी ने संत परम्परा का सदैव ध्यान रखा। 1992 में श्रीराम लला के अर्चक का दायित्व ग्रहण कर अपनी निष्ठा समर्पित की। उनका साकेत गमन हम सभी के लिए पीड़ादाई है।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा सत्येन्द्र दास जी हमारे पड़ोसी  रहे। मंदिर की पूजन व्यवस्था के प्रति वह अपने कार्यकाल में सदैव संवेदनशील रहे। इन 30-31 वर्षों में वह हिंदू मुस्लिम समन्वय की चर्चा के केंद्र बिंदु बनते रहे। आज वह साकेतवासी हो गए, जिसके कारण अपार दुख हुआ है। श्रीराम लला उन्हे अपने चरणों में स्थान प्रदान करें।

विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि आचार्य सत्येन्द्र दास के निधन से धार्मिक जगत को अपूर्णीय क्षति पहुंची है। 1990 के पूर्व वह मंदिर आंदोलन में सहयोगी रहे। 1992 में प्रशासन की ओर से मंदिर के मुख्य पुजारी नियुक्त होने के पश्चात वह मंदिर व्यवस्था के अंग बनकर सेवारत हो गए। उनके निधन से अपार दुख पहुंचा है। श्रीरामलला उन्हें सदगति प्रदान करें।

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