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Ayodhya: रामलला के अस्थायी मंदिर को मिलेगी भव्यता, टेंट में 28 साल तक रहने के बाद यहीं विराजित हुए थे रामलला

Mon, 05 May 2025 08:31 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

अयोध्या में बनाए गए अस्थायी राम मंदिर को भव्यता प्रदान की जाएगी। लकड़ी के इस मंदिर में रामलला तीन साल दस माह तक विराजित रहे और पूरी भव्यता से उनकी पूजा होती रही। 
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इस अस्थायी मंदिर में तीन साल तक रहे रामलला। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राम जन्मभूमि परिसर में निर्मित अस्थायी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोलने की तैयारी हो रही है। इस मंदिर को नए सिरे से भव्यता प्रदान की जाएगी। श्रद्धालु राम मंदिर की तरह इस मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यहां टेंट में 28 साल तक विराजमान रहे हनुमान जी का विग्रह पूजित-प्रतिष्ठित है। यहां रोजाना पूजा-अर्चना के लिए पुजारियों की नियुक्ति की गई है।

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नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से श्रीराम मंदिर के हक में आए फैसले के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया था। फरवरी 2020 में केंद्र सरकार की ओर से मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया। निर्माण की निगरानी के लिए मंदिर निर्माण समिति गठित हुई जिसके अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस नृपेंद्र मिश्र बनाए गए। इसके बाद 25 मार्च 2020 की सुबह चार बजे सीएम योगी आदित्यनाथ ने टेंट में विराजमान रामलला समेत चारों भाईयों के विग्रह को अस्थायी मंदिर में विराजित किया।

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यह अस्थायी मंदिर लकड़ी का बनाया गया था। लकड़ी के इस मंदिर में रामलला तीन साल दस माह तक विराजित रहे और पूरी भव्यता से उनकी पूजा होती रही। मंदिर का भूतल बन जाने के बाद 22 जनवरी 2024 को रामलला को नए गर्भगृह में विराजित कर दिया गया, लेकिन टेंट में विराजमान हनुमान जी का विग्रह अभी भी अस्थायी मंदिर में ही विराजित है। नृपेंद्र मिश्र का कहना है कि चूंकि लकड़ी की आयु ज्यादा नहीं होती है और अस्थायी मंदिर ऊंचाई पर निर्मित है, इसलिए नए सिरे से इसे भव्यता प्रदान की जाएगी, ताकि यहां भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकें। नई डिजाइन तैयार कराई जा रही है।

पूजा-अर्चना के लिए नियुक्त किए गए हैं छह पुजारी
- ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर में पूजा-अर्चना, राग-भोग सेवा के लिए 20 पुजारियों की नियुक्ति की गई है। 14 पुजारी सुबह व शाम दो पालियों में राम मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। जबकि छह पुजारियों को अस्थायी मंदिर में लगाया गया है। तीन पुजारी सुबह व तीन पुजारी शाम को अस्थायी मंदिर में पूजा-अर्चना, राग-भोग की व्यवस्था संभालते हैं। राम मंदिर की तर्ज पर यहां राग-भोग की व्यवस्था की जाती है।

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