एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार को अयोध्याधाम के स्कूल तो खुल गए लेकिन बंदिशें बरकरार होने की वजह से अभिभावकों व बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। टेढ़ी बाजार से लता चौक तक रामपथ पर बैरीकेडिंग अभी हटाई नहीं गई है। टेढ़ीबाजार से चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। बच्चों को स्कूल छोड़ने फिर वापस लाने में अभिभावकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। स्कूल ड्रेस में होने व आईडी दिखाने के बाद भी कई बैरियर पर सुरक्षाकर्मी अभिभावकों को रोकते रहे। स्कूली वाहन भी रामपथ पर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
सीमा आचारी ने बताया कि उनके बच्चे जिंगलबेल स्कूल में पढ़ते हैं। बृहस्पतिवार को घर से स्कूल छोड़ने के लिए निकले तो हनुमानगढ़ी तिराहे से ही आगे बढ़ने में परेशानी हुई। टेढ़ीबाजार से लौटते समय प्रवेश नहीं मिला, यलोजोन का पास होने के बावजूद नहीं जाने दिया गया। आने-जाने की जहमत से बचने के लिए फैजाबाद में ही चार घंटे गुजारे।
अश्वनी गुप्ता ने बताया कि बंदिशों के चलते टेढ़ीबाजार से लता चौक तक स्कूली वाहन भी नहीं आ-जा पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल खोलने का क्या फायदा। प्रशासन को स्कूल तब तक बंद रखना चाहिए जब तक बंदिशों से राहत नहीं दी जाती। बाबू चंद ने कहा कि जगह-जगह बैरीकेडिंग लगाकर जेल बना दिया गया है। स्कूल तक बच्चों को पहुंचाने में अभिभावकों को जगह-जगह सुरक्षाकर्मियों से नाेंक-झोक करनी पड़ रही है।