फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राण प्रतिष्ठा समारोह: आस्था के आगे नतमस्तक रहा पुलिसिया रौब, हटाने पर भी डिगे रहे श्रद्धालु

Mon, 22 Jan 2024 05:42 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या

सार

पुलिस भीड़ को रात से ही हटाने का प्रयास कर रही थी लेकिन श्रद्धालु डिगे नहीं और सरयू तट समेत विभिन्न स्थानों पर रामभक्त जमा रहे।
विज्ञापन
अयोध्या की एक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

500 वर्षों के संघर्ष व कई पीढ़ियों की तपस्या के बाद आए इन स्वर्णिम पलों के साक्षी बनने को देश के कोने-कोने से लोग उमड़ पड़े। अधिक भीड़ से सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होने लगी तो जवानों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया लेकिन भक्तों की आस्था के आगे जवानों का रौब नतमस्तक हो गया। सरयू तट से लेकर कई प्रमुख मार्गों पर डटे हजारों श्रद्धालु रामनाम जपते हुए स्वयं को धन्य महसूस करते रहे।

विज्ञापन


प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का सोमवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री समेत कई विधाओं की नामचीन हस्तियां अयोध्या पहुंची। पहली बार इतनी संख्या में जुटे अति विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी। इसलिए देश की सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों ने कई दिन से कमान संभाल रखा था।

ये भी पढ़ें - प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने राम मंदिर से जुड़े श्रमिकों पर की पुष्पवर्षा, परिश्रम को सराहा, तस्वीरें
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अयोध्या में फिल्म व खेल जगत के सितारे, अमिताभ-अरुण गोविल सहित अभिषेक भी मौजूद


आयोजन में सिर्फ आमंत्रित अतिथियों को ही जाने का अवसर मिला लेकिन लोगों की अपने आराध्य के प्रति आस्था व प्रेम उन्हें देश के कोने-कोने से खींच लाई थी। वह सभी इस ऐतिहासिक बेला में प्रभु श्रीराम के मंदिर में न सही, मंदिर के इर्द-गिर्द ही रहकर स्वयं को कृतार्थ करने की लालसा लिए सप्ताह भर पूर्व से यहां पहुंच चुके थे।
विज्ञापन


उन्हें सुरक्षा बलों ने रविवार की देर रात बाहर निकलने को कहा तो वह सभी सरयू तट से लेकर नया घाट व अन्य स्थलों पर जमा हो गए। सुबह पैदल चलकर सरयू स्नान किया। उसके बाद लता चौक पर पहुंचकर प्राण प्रतिष्ठा की झांकियां देखने लगे। यहां भी बार-बार सुरक्षाकर्मी उन्हें हटाने का प्रयास करते रहे, लेकिन जवानों के प्रति आदरभाव रखकर वह चुपचाप पीछे हो गए और दूर से ही अयोध्या की अलौकिकता को निहारते रहे।

झारखंड से आए अनूप लाल यादव, गणेश शंकर ने बताया कि जवान अपना काम कर रहे हैं, हमें अपना काम करना है। बिना रामलला के दर्शन किए कैसे लौट जाएं। सरयूतट पर मौजूद बिहार के गोपीनाथ, कृपादयाल, रामनेवल ने बताया कि 18 जनवरी को किसी तरह यहां पहुंचे थे। कष्ट भले ही सहना पड़ा, लेकिन इस शुभ घड़ी में अयोध्या पहुंचकर ही हम धन्य हो गए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें