श्रीराममंदिर भूमिपूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी का काफिला रामजन्मभूमि से निकल गया है। पीएम मोदी लखनऊ एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए है। वहां से विशेष विमान के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे।
इस दौरान पीएम मोदी ने तमिल रामायण का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि अब हमें आगे बढ़ना है। देर नहीं करनी है। यही संदेश श्रीराम का आज के लिए है। सियापति रामचंद्र की जय-जयकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन खत्म किया। पीएम ने कहा कि मुझे विश्वास है भगवान राम का ये मंदिर युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, मार्गदर्शन करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और आदर्श ही महात्मा गांधी के रामराज्य का मार्ग है। राम आधुनिकता के पक्षधर हैं। राम की प्रेरणा के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है, मानवता ने जब-जब राम को माना है, विकास हुआ है। भटकने पर विनाश हुआ है। हमें संकल्पशक्ति से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है
पीएम मोदी ने कहा कि राम विभिन्न रूपों में मिलेंगे। वह भारत की अनेकता में एकता के सूत्र हैं। तमिल, मलयालम, बांग्ला, कश्मीर, पंजाबी में राम हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व के कई लोग खुद को राम से जुड़ा हुआ मानते हैं। कंबोडिया, थाईलैंड, मलेशिया, ईरान में भी राम कथाओं का विवरण मिलेगा। नेपाल और श्रीलंका में तो राम का आत्मीय संबंध जुड़ा है। राम दुनिया के हर रूप में रचे-बसे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि इसी आलोक में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य-दिव्य मंदिर के लिए आज भूमि पूजन हुआ है। साथियों इस मंदिर के साथ के साथ इतिहास नहीं रचा जा रहा। बल्कि इतिहास दोहराया भी जा रहा है। हम जानते हैं जैसे पत्थरों पर लिखकर रामसेतू बनाया गया वैसे ही हर घर से इसके जल और मिट्टी इसके निर्माण की ताकत बनेगी। भारत की आस्था और सामूहिकता पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय है।
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों राम हमारे मन में घुल मिल गए हैं। कोई काम करना हो तो प्रेरणा के लिए भगवान राम की ओर ही देखते हैं। आप भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए, अस्तित्व मिटाने का बहुत प्रयास हुआ लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हुए हैं। श्रीराम भारत की मर्यादा है और श्रीराम मर्यादा पुरषोत्तम हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि साथियों हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के समय हमारी पीढ़ियों ने सबकुछ समर्पित कर दिया। देश का ऐसा कोई भाग नहीं जहां आजादी के लिए बलिदान न दिया गया है। 15 अगस्त लाखों बलिदानों का प्रतीक है। ठीक उसी प्रकार राम मंदिर के लिए कई शदियों तक कई पीढ़ियों ने प्रयास किया है। आज का ये दिन उसी तप त्याग और संकल्प का प्रतीक है। यह मंदिर हमारी राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतीक बनेगा। यह लोगों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। इस मंदिर से इस क्षेत्र का पूरा अर्थतंत्र ही बदल जाएगा। यहां हर क्षेत्र में अवसर बढेंगे। सोचिए, पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे। इससे कितना कुछ बदल जाएगा यहां। राममंदिर निर्माण की प्रकिया राष्ट्र को जोड़ने का उपक्रम है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश आज स्वर्णिम इतिहास रच रहा है। आज पूरा भारत राममय है। पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है। आज पूरा भारत भावुक है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। करोड़ों लोगों को आज विश्वास नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते जी ये सब देख रहे हैं। वर्षों तक टाट में रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी पहले मेरे साथ प्रभु राम जी को और मां जानकी को याद कर लें। उन्होंने सियावर रामचंद्र के नारे के साथ अपने संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने कहा यह जयघोष सिर्फ यहां नहीं, बल्कि पूरे विश्व में फैले करोड़ों भारतीय सुनाई दे रहा है। राम भक्तों को कोटी कोटी बधाई। मंच पर विराजमान उत्तर प्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आनंदी बेन पटेल जी, मोहन भागवत जी और कोने-कोने से आए तपस्वीजनों को मेरा नमन। यह मेरा सौभाग्य कि ट्रस्ट ने मुझे इस पल का साक्षी बनाया और इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
इस अवसर पर एक डाक टिकट जारी किया गया है। इसकी कीमत पांच रुपये है और पांच लाख डाक टिकट छपेंगे। पीएम मोदी ने इसे जारी किया। इस पर राममंदिर की तस्वीर है।
श्रीराम जय राम जय जय राम के साथ नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने अपने संबोधन की शुरूआत की है। उन्होंने वहां उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन किया। बोले हमारे सामने यही प्रश्न आता था कि कब बनेगा, राम मंदिर कब बनेगा। हमने कहा एक ओर मोदी और एक ओर योगी अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा। मेरी इच्छा है कि शीध्र दिव्य मंदिर का निर्माण हो। तन मन धन अर्पण करने के लिए हम सभी तैयार हैं।
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आनंद का क्षण हैं। एक संकल्प लिया था और मुझे ध्यान है तब के संघ संचालक ने यह बात कही थी कि बहुत लग के हमें 20 से 30 साल काम करना होगा तब ये पूरा हुआ। इसके लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया है। बहुत से ऐसे लोग हैं जो यहां उपस्थित नहीं हो सके। लेकिन इसके बाद भी आनंद की लहर है। सबसे बडा आनंद है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो प्रयास हो रहे हैं उसकी आज शुरूआत हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि पांच शताब्दियों बाद राम मंदिर का सपना पूरा हुआ है। जिस अवधपुरी का यह अहसास करने के लिए पांच शताब्दियां लग गईं। 135 करोड़ भारतवासियों को और पूरे विश्व के लोगों व नागरिकों की भावनाओं का मूर्तरूप देने का अवसर जिस महानुभाव के कारण प्राप्त हुआ वह है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, हमारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संचालक मोहन भागवत और पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास महाराज। देश के समस्त संत और इस कार्यक्रम के उपस्थित अतिथिगण को प्रणाम और उनका स्वागत करता हूं।
राम मंदिर निर्माण के लिए पहले शिलाओं का पूजन किया गया। 12 बज कर 44 मिनट पर चांदी की कन्नी से नींव डाली गई। पूजा स्थल पर मुख्यमंत्री योगी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और नृत्य गोपाल दास मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर काम समय से पूरा किया। जबकि पंडित जी पूजा बढ़ा रहे थे, क्योंकि अगला मुहूर्त 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड पर था।
अलीगढ़ में भी राम मंदिर के लिए भूमि पूजन को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में करीब 10 जगह हवन यज्ञ और अन्य प्रकार के कार्यक्रम किए।
492 वर्ष के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और भाजपाइयों में मंगलवार को खासा उत्साह रहा है। विश्व हिंदू परिषद के केसर भवन कार्यालय में सुबह से ही भूमि पूजन को लेकर सुंदरकांड का पाठ होता रहा। इस दौरान शहर के तमाम मंदिरों को सजाने के लिए भी विश्व हिंदू परिषद और भाजपाई कार्यकर्ता लगे रहे। उधर शाम को घर-घर दीपक जलाने के लिए भी कार्यकर्ताओं की टोली लोगों से संपर्क कर रही है।
अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूज में लगाई गईं 9 शिलाओं के पूजन में बीच में जो शिला है वह कूर्म शिला है। इस शिला के ठीक ऊपर राम लला विराजमान होंगे।
राम मंदिर 'भूमि पूजन' में पुजारी ने कहा कि यहां नौ ईंटें रखी गई हैं। इन्हें 1989 में दुनिया भर के भगवान राम के भक्तों ने भेजा था। ऐसी ईंटों की संख्या 2 लाख 75 हजार है, जिनमें से 100 ईंटें ' जय श्री राम 'उत्कीर्णन लिया गया है।
प्रधानमंत्री ने राममंदिर की आधारशिला रख दी है। पूजा सम्पन्न हो गई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या पहुंचकर पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की, उसके बाद रामलला के दर्शन किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन शिलाओं की पूजा की जो राममंदिर की नींव में रखी जाएगी।
पीएम मोदी की उपस्थिति में रामजन्मभूमि के पूजन का कार्यक्रम जारी है। पंडित इस बात का ध्यान रखे हुए हैं कि शुभ मुहूर्त का समय वही रहे जो निर्धारित किया गया है।
पुराने लखनऊ में मुस्लिम परिवार के लोग राम जन्म भूमि अयोध्या में भूमिपूजन का कार्यक्रम टीवी पर देखते हुए।
रामलला के दरबार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साष्टांग प्रणाम किया। कुछ देर में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी राम मंदिर शिलान्यास समारोह के लिए अयोध्या में पूजा करते हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन किए और पूजा अर्चना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारिजात के पौधे को लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने पौधे को पानी भी दिया और वहां उपस्थित लोगों से बात की। इस पौधे के कई गुण होते हैं।
अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि स्थल पर जाने से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की। उनके साथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी थे।
'भूमि पूजन' से पहले पीएम एक पारिजात (रात में फूल वाली चमेली) का पौधा लगाएंगे।
अयोध्या पहुंचने पर पीएम मोदी का सीएम योगी के अलावा क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव, खब्बू तिवारी, शोभा सिंह ने स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 वर्षों बाद अयोध्या की धरती पर कदम रखा है। आज वो भूमिपूजन कर ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच गए हैं। तीन हैलीकॉप्टर अयोध्या की धरती पर उतरे हैं। सीएम योगी ने मोदी पीएम का स्वागत किया। इसके अलावा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी पीएम का स्वागत किया।
संघ प्रमुख मोहन भागवत भी भूमिपूजन कार्यक्रम स्थल पहुंच गए हैं। भागवत भगवा रंग में रंगे हुए दिखाई दिए।
राम मंदिर शिलान्यास के उपलक्ष्य में पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर आतिशबाजी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या स्थित साकेत महाविद्यालय पहुंचे। यहां बने पीएम मोदी के हेलीपैड का निरीक्षण किया।
अयोध्या में लोग झंडे लेकर सड़कों पर आ गए हैं। जय श्रीराम के नारों से गलियां गूंज रहीं हैं।
राम मंदिर की नींव चांदी के फावड़े और कन्नी से रखी जाएगी। फावड़े और कन्नी का भूमि पूजन के दौरान प्रयोग किया जाएगा। चांदी के फावड़ा व कन्नी को दिखाते विश्व हिन्दू परिषद् के पदाधिकारी
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन स्थल पर पहुंची उमा भारती का मुख्यमंत्री योगी ने स्वागत किया। हालांकि पहले उमा भारती ने प्रधानमंत्री के जाने के बाद रामजन्म भूमि जाने की बात कही थी।
राम जन्मभूमि भूमि पूजन के कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे। उन्होंने भूमि पूजन में पहुंचे हुए संत महंतों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ पहुंच चुके हैं। अब यहां से पीएम हैलीकॉप्टर से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ उनके स्वागत की तैयारी में लगे हुए हैं।
भूमि पूजन और कार्यारंभ स्थल श्री राम जन्मभूमि पर बाबा रामदेव समेत देशभर के संत महात्मा और विश्व हिंदू परिषद के लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठे हैं।
आज होने वाले भूमि पूजन के कार्यक्रम को पूरा कराने के लिए काशी, अयोध्या, दिल्ली व प्रयागराज के विद्वानों को बुलाया गया है। अलग-अलग पूजा के अलग-अलग एक्सपर्ट हैं। पूरी टीम 21 ब्राह्मणों की है जो अलग अलग तरीकों से पूजा कराएगी।
इसके अलावा राम जन्मभूमि परिसर की जिस जगह पर भूमि पूजन होना है उस जगह को भी सजाया संवारा गया है। खूबसूरत रंगोली के साथ वहां पंडाल और मंच बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी जगह वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार शुभ मुहूर्त में चांदी की ईंट रखकर शिला पूजन करेंगे।
एक और स्थानीय निवासी ने बताया कि हमें उम्मीद नहीं थी कि कभी ऐसा दिन देखने को मिलेगा। इस इंतजार में पूर्वज चले गए, आज बहुत खुशी हो रही है।
स्थानीय निवासी रत्नेश शरण ने कहा कि कोरोना काल में हम भी नहीं चाहते थे कि राम मंदिर भूमि पूजन के लिए जाने की अनुमति मिले। एक बार मंदिर बन जाएगा फिर तो जब मन हो तब जाएंगे। आज सभी अपने-अपने घर में पूजा कर रहे हैं।
अमेरिका में रहने वाले भारतीय अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर के शिलान्यास समारोह का जश्न मनाने के लिए अमेरिकी कैपिटल हिल पर इकट्ठा हो गए हैं। यहां एक झांकी ट्रक राम मंदिर की डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शित करते हुए कैपिटल हिल के चक्कर लगाएगा। मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह अयोध्या में आज है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आज ट्वीट किया और लिखा कि- भूमि पूजन के मौक़े पर पूरे देश को बधाई भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और ग़रीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे। जय श्री राम! जय बजरंग बली!
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि बाबरी मस्जिद थी और रहेगी।
ओवैसी ने बुधवार सुबह ट्वीट कर कहा, 'बाबरी मस्जिद थी और रहेगी। इंशाअल्लाह।' अपने ट्वीट के साथ उन्होंने बाबरी मस्जिद और बाबरी मस्जिद विध्वंस की एक-एक तस्वीर साझा की है। बता दें कि नौ नवंबर, 2019 को उच्चतम न्यायालय ने विवादित भूमि को लेकर फैसला सुनाया था। अपने फैसले में अदालत ने विवादित जमीन को राम लला को सौंप दिया था। साथ ही सरकार को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से अयोध्या के लिए विशेष विमान से रवाना हो गए हैं। 10:35 पर पीएम मोदी के विशेष विमान की लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग होगी। इसके बाद 10:40 बजे हेलिकॉप्टर से अयोध्या के लिए निकलेंगे।
बता दें सप्ताह के सातों दिन के लिए अलग-अलग रंगों के वस्त्र रामलला को पहनाए जाते हैं। आज बुधवार है, लिहाजा रामलला को आज हरे रंग के वस्त्र पहनाए गए हैं। भगवान रामलला के अलावा उनके सबसे बड़े भक्त हनुमानजी को भी आज नए वस्त्र पहनाए जाएंगे।
श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर आज अयोध्या राममय हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से होने वाले राम मंदिर पूजन लिए अयोध्या सज-धजकर तैयार है। कुछ ही घंटों में पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचेंगे। इससे पहले भगवान रामलला को रत्न जड़ित हरे रंग के वस्त्र पहनाकर तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला उनके घर से एयरपोर्ट के लिए निकल चुका है। वह विमान से लखनऊ आएंगे और इसके बाद यहां से हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचेंगे।
अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि भगवान शिव के कल्याण, श्रीराम के अभयत्व व श्रीकृष्ण के उन्मुक्त भाव से सब परिपूर्ण रहें! आशा है वर्तमान व भविष्य की पीढ़ियां भी मर्यादा पुरूषोत्तम के दिखाए मार्ग के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई व शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी।
अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए मेहमानों को खास सिक्योरिटी कोड से युक्त निमंत्रण कार्ड दिया गया है। एक कार्ड पर एक व्यक्ति ही आ सकता है, उसके साथ न कोई सहयोगी होगा न ही उसके पास किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, उपकरण या मोबाइल आदि होगा। अतिथियों को कार्ड के कोड से प्रवेश मिल रहा है।
ये है कारसेवक पुरम का मुख्य गेट जिसे श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े महापुरुषों की तस्वीरों और फूलों से सजाया गया
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आई आर्ट हिस्टोरियन डॉ. सुधा मलैया भी भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगी।
राम जन्म भूमि के लिए अथिति निकलने शुरू हो गए हैं। बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा राम जन्म भूमि के लिए निकल गए हैं।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से आए श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी में प्रसाद चढ़ाया।
अयोध्या में कार्यशाला में श्री राम जय राम का अखंड संकीर्तन पाठ और राम मंदिर में प्रयुक्त होने वाली शिलाएं
कारसेवक पुरम में गहमागहमी हो रही है। अतिथि गण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए निकल रहे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भूमिपूजन/शिलान्यास, न केवल मंदिर का है, वरन एक नए युग का भी है। प्रभु श्रीराम का जीवन संयम की शिक्षा देता है। हमें भी संयम रखते हुए वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत शारीरिक दूरी बनाए रखना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घर में ही भूमिपूजन व शिलान्यास के कार्यक्रम को लाइव देखें। घरों में दीपक जलाएं। पूज्य संत एवं धर्माचार्यगण देवमंदिरों में अखंड रामायण का पाठ करें एवं दीप जलाएं।
500 साल के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला का भव्य व दिव्य मंदिर का शिलान्यास आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं। हम इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी होंगे। इस आनंद के अवसर पर घरों को अयोध्या की तरह सजाएं, दीप जलाएं, भक्ति में डूब जाएं। जय श्री राम!
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि- भारत के संविधान की मूल प्रति में मौलिक अधिकारों से जुड़े अध्याय के आरम्भ में एक स्केच है जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापसी का है। आज संविधान की इस मूल भावना को आप सभी से शेयर करने का मन हुआ।
गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, सतलुज, रावी, चिनाब व व्यास समेत अन्य नदियां। रामभक्तों ने देश के प्रसिद्ध पवित्र कुंडो का जल भी अयोध्या भेजा है।
हल्दीघाटी, चित्तौड़, दुर्ग, स्वर्ण मंदिर के कुंड का जल व मिट्टी, वैष्णो देवी, मैसेकर घाट, सभी ज्योतिर्लिंगों के प्रांगण की मिट्टी, सरस्वती उद्गम स्थल का जल व रज, रविदास मंदिर काशी, बाबा साहेब आंबेडकर की इच्छा भूमि व संघ की उद्गम स्थली नागपुर की रज व पवित्र जल, मानसरोवर की पवित्र रज व जल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या नगरी के बाहर और अंदर कई नाके बनाए गए हैं। जहां गाड़ियों की चेकिंग हो रही है और बाहर से किसी वाहन को अंदर आने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि मेरे अनुमान के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पास चार अगस्त तक 30 करोड़ से अधिक राशि जमा हो चुकी है। कल तक हमारे पास और 11 करोड़ रुपये का फंड जमा हो जाएगा, जिसे मोरारी बापू ने देशवासियों से इकट्ठा किया है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने हनुमानगढ़ी पहुंचे। उन्होंने दर्शन पूजन किया। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, हर जगह पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि "जासु बिरहं सोचहु दिन राती। रटहु निरंतर गुन गन पांती॥ रघुकुल तिलक सुजन सुखदाता। आयउ कुसल देव मुनि त्राता।। प्रिय राम भक्तों, आपका अभिनंदन, आपको बधाई जय श्री राम!"
अयोध्या जाने वाले सभी रास्तों और चौराहे भगवा रंग में रंगे दिखाई देंगे। शायद ही कोई ऐसा चौराहा या सड़क होगी, जहां भगवा झंडे न दिखाई दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचेंगे। भूमि पूजन के दौरान वो 40 किलो की चांदी की ईंट राममंदिर की नींव में रखी जाएगी। इसके बाद वो मंदिर परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। सबसे पहले वो हनुमान गढ़ी में दर्शन के लिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और कोरोना संक्रमण को देखते हुए, एक बार फिर से सभी मंदिरों को सैनेटाइज किया जा रहा है।
राम नगरी में आज सुबह अचानक तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश ने राम नगरी में तैयारियों पर भी असर डाला है। कई स्थानों पर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से लगाए गए होर्डिंग, केसरिया झंडे समेत सड़कों पर सजाए गए कलशों को नुकसान पहुंचा है। तोरण द्वार भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी।
492 वर्ष बाद अंतत: शुभ घड़ी आ ही गई। अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की 5 सदी से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त होने का ऐतिहासिक पल आ गया है। बुधवार को शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 15 मिनट 15 सेकंड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन के साथ ही औपचारिक रूप से मंदिर निर्माण के कार्य का शुभारंभ हो जाएगा। इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनेंगी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास समेत तमाम हस्तियां।