अयोध्या जाने वाले सभी रास्तों और चौराहे आपको भगवा रंग में रंगे दिखाई देंगे। शायद ही कोई ऐसा चौराहा या सड़क होगी, जहां भगवा झंडे न दिखाई दें।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि मेरे अनुमान के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पास चार अगस्त तक 30 करोड़ से अधिक राशि जमा हो चुकी है। कल तक हमारे पास और 11 करोड़ रुपये का फंड जमा हो जाएगा, जिसे मोरारी बापू ने देशवासियों से इकट्ठा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम होते ही अपने आवास पर दीपक जलाकर दीपोत्सव का शुभारंभ किया। पूरी अयोध्या नगरी में लोगों ने घरों में दीपक जलाकर खुशियां मनाने का संकल्प लिया है।
राम मंदिर के भूमि पूजन की खुशी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास को भी सजा-धजाकर तैयार किया गया है। यहां आज से दीपोत्सव मनाया जाएगा।
अवध विश्वविद्यालय के वालंटियरो ने राम की पैड़ी पर दीपक बिछा दिए हैं। कुछ ही देर में राम की पैड़ी दीयों से जगमगा उठेगी। राम की पैड़ी पर लगभग डेढ़ लाख दीपक जलाए जाएंगे। आज और कल, दो दिन मनाया जाएगा दीपोत्सव। अयोध्या धाम के 50 स्थानों पर भी जलाए जाएंगे दीपक। इसके साथ ही मंदिरों में भी दीपक जलेंगे। वहीं, स्थानीय लोग भी अपने घरों में दीप प्रज्वलन करेंगे।
आज मध्यरात्रि 12 बजे से बाराबंकी-अयोध्या मार्ग पर रोडवेज की सभी बसों का संचालन बंद हो जाएगा। बाराबंकी के चौपुला चौराहे से बदले मार्ग से बसों को रवाना किया जाएगा।
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोगों की ओर से भूमि पूजन के लिए कांग्रेस द्वारा चांदी की 11 ईंटें भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमने मध्य प्रदेश की सुख, समृद्धि और प्रगति के लिए 'हनुमान चालीसा' का पाठ भी किया।
राम मंदिर भूमि पूजन के मद्देनजर कलबुर्गी में चार से छह अगस्त तक धारा 144 लागू कर दी गई है।
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से भारतीय समाज अपने सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ेगा। इससे समाज का मानवता के नेतृत्वकर्ता के रूप में आर्थिक विकास तो होगा ही, साथ ही सांस्कृतिक फैलाव भी होगा।
वैद्य ने कहा कि यह मंदिर मानवता का मार्गदर्शन करेगा। मंदिर यह बताएगा कि कैसे जातीय, धार्मिक, सांस्कृतिक विविधता वाले इस जगत में सद्भाव, शांति और समृद्धि के साथ रहना चाहिए।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था ने मीडिया में चल रही श्री श्री रवि शंकर को निमंत्रित किए जाने की खारिज किया है। संस्था ने बताया कि कई जगह खबर चल रही है कि राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए श्री श्री रवि शंकर को निमंत्रण भेजा गया है, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है।
भूमि पूजन समारोह के लिए अयोध्या में करीब सवा लाख लड्डू तैयार हो रहे हैं। इन्हें प्रसाद के रूप में पूरे देश में वितरित किया जाएगा।
राम मंदिर के भूमि पूजन की खुशी में महाराष्ट्र भाजपा भी मुख्यालय में भी कार्यक्रम का आयोजन करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। वहां सभी लोग अयोध्या में चल रहे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखेंगे।
बाबा रामदेव राम की पैड़ी पहुंचे। उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई है। इसके साथ ही यहां उन्होंने अपनी फुर्ती का अहसास कराया और राम की पैड़ी पर दौड़ लगाई।
अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर अपने मूल डिजाइन से आकार में दोगुना होगा। मंदिर का नक्शा तैयार करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांतभाई सोमपुरा ने बीते शुक्रवार को बताया था कि पिछले साल आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर के डिजाइन को संशोधित किया गया है।
मंगलवार को हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के निशान का विधि विधान पूर्वक पूजन किया गया। मान्यता है कि हनुमान जी अयोध्या में राजा के रूप में विराजमान है। इसलिए किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी अनुमति लेनी आवश्यक होती है। इसी मान्यता के चलते मंगलवार को हनुमानगढ़ी में विधि-विधान पूर्वक हनुमानगढ़ी के निशान की पूजा अर्चना कर राम मंदिर की भूमि पूजन की अनुमति ली गई।
हनुमानगढ़ी के निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव गौरी शंकर दास ने बताया कि सुबह 9 बजे हनुमान जी के निशान को निकालकर गद्दी दलान में लाया गया। जहां विधि विधान पूर्वक निशान का पूजन अर्चन किया गया। इसके बाद हनुमान जी की आरती उतारी गई और भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। निशान पूजन के अवसर पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र, अशोक तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर में शुरू हुए तीन दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन राम जन्मभूमि परिसर में रामार्चा पूजन का भी शुभारंभ मंगलवार को हो गया है । महंत डॉ रामानंद दास के आचार्यत्व में रामार्चा पूजन का शुभारंभ विधि विधान पूर्वक किया गया।
बाबा रामदेव, स्वामी अवधेशानंद, चिदानंद मुनि, सुधीर दहिया, राजू स्वामी एक हेलीकॉप्टर से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे। ब्रह्मानंद स्वामी, सुरेश पटेल व रितेश डांडिया दूसरे हेलीकॉप्टर से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे। कल राम मंदिर भूमि पूजन में होंगे शामिल।
प्रधानमंत्री ऑफिस की ओर से प्रस्तावित राम मंदिर की तस्वीरें जारी की गई हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि राम मंदिर कितना भव्य और सुंदर प्रतीत होगा।
श्री राम जन्म भूमि शिलान्यास कार्यक्रम मैं 21 वेद के विद्वानों का चयन किया गया है। इन विद्वानों में रबूपुरा कस्बे के वेदाचार्य संदीप शर्मा का भी चयन किया गया है।
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएम मोदी को विशेष रूप से बधाई दी है। उनका कहना है कि राम जन्मभूमि पर राम मंदिर बनाने का सपना साकार हो रहा है और प्रतिबद्धता पूरी हो रही है।
चंपत राय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर संघ प्रमुख मोहन राव भागवत, ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में करीब ढाई घंटे तक रहेंगे। भूमि पूजन से पहले वह हनुमानगढ़ी जाएंगे और फिर वह मंदिर स्थल का दौरा करेंगे। इसके सााथ ही वह विशेष डाक टिकट जारी करेंगे। पूजा के बाद पीएम मोदी देशवासियों को संबोधित कर सकते हैं।
राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर स्थल और पूरी अयोध्या में भारी सुरक्षा व्यवस्था है। एनएसजी कमांडो के सुरक्षाकर्मी मंदिर स्थल के पास तैनात हैं और 75 चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11.30 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। इसके लिए नगर के साकेत कॉलेज में हैलीपैड बनाया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए अयोध्या के सभी मंदिरों को सैनिटाइज किया गया है और आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को बचाव के लिए निर्देश दिए गए हैं।
चार व पांच अगस्त को अयोध्या में दीवाली मनाई जाएगी। घर-घर रामायण व सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। नगर में हर तरफ चहल-पहल व हर्षोल्लास नजर आ रहा है।
अयोध्या में हर अतिथि को चांदी का सिक्का दिया जाएगा। जिसमें राम दरबार तीर्थ क्षेत्र का प्रतीक चिन्ह होगा, भूमिपूजन में शामिल अतिथियों को यह सिक्का मिलेगा। सिक्का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देगा।
आयोजन के कारण तीन अगस्त को ही नगर की सीमाएं सील कर दी गई हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए भारी भरकम फोर्स तैनात की गई है। सुरक्षा में 3500 पुलिसकर्मी, 40 कंपनी पीएसी, 10 कंपनी आरएएफ, दो डीआईजी व आठ पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण सुरक्षा व्यवस्था में 45 साल से कम उम्र के सुरक्षकर्मी ही तैनात किए जाएंगे।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए नगर के सभी मंदिरों को सैनिटाइज किया गया है और आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को बचाव के लिए निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से अपील के बाद भी कई लोग अयोध्या पहुंच रहे है। ऐसा ही एक दल अयोध्या पहुंचा है जो राजस्थान से आया है और वहां के मंदिरों और नदियों का जल अपने साथ लाया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ आज शाम को अयोध्या पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही सरयू के तट पर आज दिवाली मानने की तैयारी की जा रही है।
राममंदिर के भूमि पूजन को लेकर ब्रज धाम में उल्लास है। मथुरा से वृंदावन तक उत्सव मनाने की तैयारियां चल रही हैं। मंदिरों में अनुष्ठान हो रहे हैं। ब्रज को अयोध्या की तरह भगवामय बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जुट हुए हैं। इसमें जनप्रतिनिधि भी पीछे नहीं हैं। उनका कहना है कि भूमि पूजन के अवसर पर शहर से लेकर गांव तक घर-घर दीपक जलाए जाएंगे।
योग गुरु रामदेव भी अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। रामदेव ने एक वीडियो ट्वीट कर लिखा कि श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के लिए हम प्रस्थान कर रहे हैं। हमें सौभाग्य मिला है की हमारी आंखों के सामने दिव्य भव्य राममंदिर का शिलान्यास होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन कार्यक्रम में राम मंदिर पर डाक टिकट भी जारी करेंगे। वे परिसर में पारिजात के वृक्ष का भी रोपण करेंगे।
पांच अगस्त यानी बुधवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। ऐसे में भूमि पूजन से पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर बदल ली है। नई तस्वीर में वे भगवा चोला पहने हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने मंगलवार को अपनी तस्वीर बदली और लिखा. 'श्रीराम के हनुमान करो कल्याण।'
आमंत्रण पत्र भेजने की शुरूआत सोमवार को अयोध्या से हुई है। बाहर के सभी अतिथियों को फोन से सूचनाएं दी गई हैं, वे जब आज शाम तक यहां पहुंच जाएंगे तो खास सिक्योरिटी कोड से युक्त निमंत्रण कार्ड दिया जाएगा। कार्ड के सिक्योरिटी कोड की अहमियत भी समझाई और कहा कि एक कार्ड पर एक व्यक्ति ही आ सकता है, उसके साथ न कोई सहयोगी होगा न ही किसी तरह का इलेक्ट्रानिक डिवाइस, उपकरण या मोबाइल आदि होगा।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से राम मंदिर भूमिपूजन पर बयान जारी किया गया है। प्रियंका ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बनना चाहिए। प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि संत मोरारी बापू ने अपनी ओर से पांच लाख मंदिर निर्माण के लिए दिए हैं। उन्होंने भक्तों से अपील की थी कि भूमि पूजन से पहले चार करोड़ की दान राशि जमा हो जाए, लेकिन यह रकम देश में उनके भक्तों ने 11 करोड़ की जुटाई है जो आज ट्रस्ट के खाते में जमा हो जाएगी। जबकि विदेशी भक्तों की ओर से सात करोड़ की दान राशि जुटाई गई है, लेकिन हमारे पास अभी विदेशी चंदा लेने का प्रमाण पत्र नहीं होने से इसे बाद में जमा कराया जाएगा। इसके अलावा पुणे के एमआईटी के छात्रों की ओर से 21 करोड़ की धनराशि दी जा रही है। जबकि कोलकाता के दो व्यापारी एक-एक करोड़ दान राशि भेज रहे हैं।
विनय कटियार का कहना है कि हमें निमंत्रण मिला है और हम इस कार्यक्रम में जरूर जाएंगे। उनका कहना था कि हमारा सपना पूरा होने वाला है। जिन लोगों ने संघर्ष में जान खोई है उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।
कल उसी अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन होगा जिस मुहूर्त में भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।
अयोध्या में कल भूमि पूजन का उत्सव है। सीएम योगी की अपील पर तीर्थ नगरी मथुरा, काशी, चित्रकूट, प्रयागराज, नैमिषारण्य और गोरखपुर में भी आज से अखंड कीर्तन और रामायण का पाठ शुरू हो गया है। आज सीएम हाऊस में भी दीपावली मनाई जाएगी।
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह जैसे बुजुर्ग नेता कोरोना महामारी के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह जानकारी सूत्रों ने दी। हालांकि पांच अगस्त को होने वाले कार्यक्रम के लिए अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कुछ ही नामों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
रामजन्म भूमि शिलान्यास समारोह का संपूर्ण अनुष्ठान काशी विद्वत परिषद के विद्वानों की देखरेख में संपन्न होगा। संकटमोचन हनुमान का आशीर्वाद और जय श्रीराम व हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ काशी की जनता ने काशी विद्वत परिषद के तीनों विद्वानों को अयोध्या रवाना किया।सोमवार को काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ रामनारायण द्विवेदी के नेतृत्व में प्रो राममोहन पांडेय और प्रो विनय पांडेय ने संकटमोचन हनुमान का आशीर्वाद लिया। इसके बाद काशी जनता ने उनका अभिनंदन किया और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अयोध्या के लिए रवाना कर दिया।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पूरे भारत से प्रमुख 36 परंपराओं के 135 संत-महात्माओं समेत कुल पौने दो सौ लोगों को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों पांच अगस्त को आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत आज को अयोध्या पहुंचेंगे।
अयोध्या में तीन घंटे का प्रवास
पांच अगस्त यानि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत अलग-अलग जगहों पर किया जाएगा। जिसके तहत साकेत यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, जिलाधिकारी अनुजा झा के साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद राम जन्मभूमि पर स्वागत की जिम्मेदारी अयोध्या के राजा विमलेंद्र मोहन, राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास करेंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री व बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय भान सिंह पवैया चंबल का जल कलश और दतिया की पीतांबरा सिद्ध पीठ की मिट्टी लेकर अयोध्या पहुंच गए हैं। वो ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत गोपालदास को जल कलश व मिट्टी सौंपेंगे।
पांच अगस्त को राम जन्मभूमि में भूमि पूजन के ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या की धरती से देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का भी संबोधन होगा।
धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन आज रामार्चा पूजा शुरू हुई। काशी और अयोध्या के 9 वेदाचार्य वैदिक मंत्रों के साथ रामार्चा पूजा करवा रहे हैं। यह पूजा 6 घंटे तक चलेगी।
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के लिए भूमि पूजन पांच अगस्त यानि कल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधारशिला रखेंगे। इसका पूजन कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया है। 21 वैदिक आचार्यों ने सोमवार सुबह 9 बजे यजमान महेश भरतचक्रा को संकल्प दिलाते हुए पूजन किया। आज रामार्चा पूजा हुई, इसे डॉ.रामानंद दास ने संपन्न कराया। प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के दिन अयोध्या, मथुरा, काशी, दिल्ली के आचार्य पूजन कराएंगे। वहीं, मेहमानों के आने का सिलसिला भी आज से शुरू होगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत आज अयोध्या पहुंचेंगे।