सरयू के तट पर दीपोत्सव की तैयारी।
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इस बार दीपोत्सव में सरयू तट अपनी अद्भुत भव्यता से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को लुभाएगा। राम की पवित्र नगरी के घाट लाल बलुआ पत्थरों से सजाए जा रहे हैं, जिससे घाटों का स्वरूप प्राचीनता और आधुनिकता का अनोखा संगम बन गया है। सरयू की लहरों पर झिलमिल करती रोशनी और घाटों पर सजी दीपमालाएं इस बार दृश्य को अलौकिक बना देंगी।
उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम की देखरेख में चल रहे घाटों के सुंदरीकरण का काम अब अंतिम चरण में है। हर घाट के प्रवेश द्वार पर उसकी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता बताने वाले शिलालेख लगाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक यहां की परंपरा, कथा और संस्कृति से परिचित हो सकें। आधुनिक तकनीक से युक्त आकर्षक लाइटें घाटों की दीवारों और सीढ़ियों पर लगाई जा रही हैं, जो रात में सरयू के तट को सुनहरी आभा से नहलाएंगी।
राम की पैड़ी से लेकर लक्ष्मण घाट तक नई साज-सज्जा का कार्य जोरों पर है। घाट पर हर 300 मीटर की दूरी पर एक छतरी बन रही है, जहां श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, रोशनी, टॉयलेट, चेंजिंग रूम, पीने के पानी और रैंप जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। शेष काम 15 अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर लाखों दीपों की जगमगाहट के बीच यह नई साज-सज्जा अयोध्या की पहचान बनेगी। श्रद्धालु जहां रामनगरी की आस्था में डूबेंगे, वहीं पर्यटक यहां की स्थापत्य कला और दिव्यता के साक्षी बनेंगे।