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Ayodhya: मणिपर्वत मेले के साथ कल शुरू होगा झूलनोत्सव, प्रवाहित होगी गीत, संगीत व अध्यात्म की त्रिवेणी

Fri, 25 Jul 2025 08:14 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

मणिपर्वत मेले के साथ कल शुरू होगा झूलनोत्सव एक पखवाड़े तक अयोध्या में गीत, संगीत व अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहित होगी। रामनगरी में झूलनोत्सव का श्रीगणेश मणिपर्वत मेले के दिन से ही होता है। 
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मेले के लिए मणिपर्वत पर की जा रही तैयारी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सावन की हरियाली के साथ रामनगरी में भक्ति और परंपरा का ऐतिहासिक संगम होने जा रहा है। 27 जुलाई से मणिपर्वत मेले के साथ झूलनोत्सव का शुभारंभ होगा, जो रक्षाबंधन तक चलेगा। एक पखवाड़े तक अयोध्या के हर मठ, मंदिर और गली में भक्ति, संगीत और अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहित होगी।

रामनगरी में झूलनोत्सव का श्रीगणेश मणिपर्वत मेले के दिन से ही होता है। इस दिन रामनगरी के प्रमुख मंदिरों से भगवान के विग्रह के रथ पर सवार कर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। फिर यह शोभायात्रा मणिपर्वत पर पहुंचती है। वहां भगवान के विग्रह को मणिपर्वत पर स्थित मंदिर में दर्शन कराया जाता है। उसके बाद परिसर में स्थित विशालकाय बरगद के वृक्ष पर पड़े झूले पर सभी मंदिरों के विग्रह को झुलाया जाता है। मान्यता है कि भगवान राम माता सीता के साथ सावन महीने में तृतीया तिथि के दिन यहां झूला झूलते थे। इसके बाद वापस शोभायात्रा मंदिरों में लौटती है और देर शाम को भव्यता पूर्वक मंदिर में पड़े झूले पर भगवान सीताराम को विराजित कर गीत, संगीत व अध्यात्म की जो त्रिवेणी बहनी शुरू होती है उसमें रक्षाबंधन तक श्रद्धालु निरंतर गोता लगाते हैं।

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मणिपर्वत त्रेतायुगीन माना जाता है। रुद्रयामल और सत्योपाख्यान ग्रंथ में लिखा है कि जब भगवान राम विवाह के बाद माता सीता को अयोध्या लेकर आए थे, तब राजा जनक ने महाराजा दशरथ को उपहार स्वरूप बहुत ज्यादा मणियां भेंट की। महल में मणियों के रखने की जगह नहीं थी, जिसे राजा दशरथ ने महल के दक्षिण में स्थित विद्याकुंड पर रखवा दिया। जहां उन्होंने मणि रखा वहां एक ऊंचा पहाड़ बन गया। उसी स्थल पर 65 फीट ऊंचा मणिपर्वत स्थित है।

भीड़ नियंत्रण के लिए की गई बैरिकेडिंग

मणिपर्वत के मेले में दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। मेले में अयोध्या समेत आस-पास के जिलों से श्रद्धालु आते हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए मणिपर्वत के प्रवेश द्वार के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है। बैरिकेडिंग के अंदर परिसर में दुकानें व झूले सज गए हैं। प्रवेश मार्ग पर पांच से सात बैरियर लगाए जाएंगे। भीड़ को बैरियर पर रोक-रोककर जत्थों में दर्शन के लिए भेजा जाएगा। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार को मणिपर्वत मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखी। शनिवार तक सभी तैयारियां पूर्ण करने का निर्देश दिया।

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ऐतिहासिक धरोहर है 65 फीट ऊंचा मणिपर्वत
- 65 फीट ऊंचा मणिपर्वत ऐतिहासिक धरोहर है। इसकी सुरक्षा और संरक्षा पुरातत्व विभाग की ओर से की जाती है। क्षेत्र के 200 मीटर की परिधि के आसपास खोदाई व निर्माण कार्य प्रतिबंधित किया गया है। हाल ही में मणिपर्वत का सुंदरीकरण कराया गया है। वंशीपहाड़पुर के लाल पत्थरों से इस ऐतिहासिक इमारत को नया स्वरूप दिया गया है।

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