जिले में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इंतजाम पुख्ता किए हैं। 50 बेड के इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में सात आईसीयू बेड लगाए गए हैं। साथ ही बर्न वार्ड व पुराने बिल्डिंग में 80 और बेड आरक्षित किए गए हैं।
जिले में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। इसे लेकर सभी अस्पतालों में पहले से अलर्ट है। लेवल थ्री का अस्पताल होने के कारण मेडिकल कॉलेज में घायल होकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तैयारियां और पुख्ता की हैं। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर में सभी आधुनिक उपकरण, जीवनरक्षक दवाएं, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर आदि पर्याप्त मात्रा में रखवाए गए हैं। चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों को हर समय मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भविष्य में भीड़ बढ़ने या किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बर्न वार्ड के दोनों तल पर 35 बेड व पुराने भवन में 45 बेड के वार्ड भी आरक्षित किए गए हैं। प्रत्येक आईसीयू बेड पर एक-एक टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे व अल्ट्रासाउंड जांच 24 घंटे कराने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए बेड साइड एक्सरे की सुविधा भी संचालित है।