पूरे मामले के राजफाश के बाद सोने का मिलान किया गया तो गड़बड़ी सामने आई। बैंक और ग्राहकों के बीच खींचतान होने लगी। बैंक ने पुलिस से बरामद जेवर और सोने की सूची से मिलान किया तो लाखों का सोना कम पाया गया। इसके बाद से बरामदगी करने वाले पुलिसकर्मी संदेह के घेरे में हैं। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पूरी टीम को भंग करने के आदेश जारी किए गए।
जेल में चेकिंग के दौरान बदमाशों के पास मिले थे जेवर
चर्चा है कि जिन बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उनके पास से भी कीमती जेवर बरामद हुए। दरअसल, जेल में प्रवेश से पहले हर व्यक्ति की चेकिंग की जाती है। गोसाईगंज की जेल पुलिस ने बदमाशों की चेकिंग की तो उनके कॉलर में छिपाए गए कीमती जेवर मिले। इसके बाद जेवर उतरवाकर पुलिस को सूचित किया गया।
इन पुलिसकर्मियों को हटाया गया
दरोगा सतीश कुमार, रंजीत कुमार, अनुज सिंह हेड कांस्टेबल परशुराम राय, हरिकिशोर, कांस्टेबल विशाल कुमार, हितेश सिंह, राहुल पांडेय, अजय कुमार, सचिन तोमर, विमल चंद्र पाल और महिला सिपाही शिल्पी पांडेय।
ये था मामला
चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक में 21 दिसंबर को बदमाशों ने सेंधमारी की थी। 42 लॉकर काटकर करोड़ों रुपये के जेवर, सोना, चांदी और नकदी पार कर ले गए थे। पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया था। वहीं पांच अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सीतापुर के विपिन ने चोरी की साजिश रची थी।