कपड़ा व्यापारी विजय साहू ने बताया कि सुबह से धूप काफी तेज हो जाती है। सात दिनों से दोपहर का व्यापार लगभग खत्म हो गया है। ग्राहक नहीं निकल रहे हैं। रामनवमी के बाद से व्यापार में कमी आई है। धार्मिक वस्तुओं के विक्रेता नवमी गुप्ता ने बताया कि अब रामलला के चित्रों व अन्य धार्मिक वस्तुओं की बिक्री करीब तीन गुना घट गई है। दिन भर में मुश्किल से रामलला के 20 चित्र बिक रहे हैं। इसका कारण तेज धूप व गर्मी ही है। हनुमानगढ़ी के प्रसाद व्यवसायी विकास ने बताया कि सुबह-शाम श्रद्धालु आ रहे हैं, दोपहर में भीड़ न के बराबर होती है।
दिन चढ़ते ही घाटों पर छाने लगी वीरानी
दिन चढ़ने के साथ अयोध्या के घाटों के पत्थर तप रहे हैं। हमेशा गुलजार रहने वाले इन घाटों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। सुबह 10 बजे के बाद ही पूजा-अनुष्ठानों पर गर्मी का साफ असर दिखता है। जैसे-जैसे धूप चढ़ रही होती है, घाटों पर वीरानी छाने लगती है। पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहित भी घाटों पर श्रद्धालुओं की कम आवाजाही के कारण परेशान हैं। दिन चढ़ने के साथ घाटों पर पर्यटक और श्रद्धालुओं की आवक कम हो जाती है।
मौसम के तेवर तीखे हो गए हैं, सूरज का ताप बढ़ गया है। इसके चलते रामनगरी में श्रद्धालुओं की संख्या घट गई है। श्रद्धालु घट रहे हैं तो अयोध्या में संचालित हो रहे होम स्टे व गेस्ट हाउस संचालकों की आय में 50 फीसदी तक कमी आई है।
महाकुंभ के दौरान उमड़ी भीड़ ने होम स्टे, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व होटल संचालकों की चांदी कर दी थी। महाकुंभ मेले के 45 दिन में इन्हें खूब आय हुई। रामनवमी मेले के बाद से अब श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ रही है, जिससे होम स्टे, गेस्ट हाउस, धर्मशाला व होटल संचालकों की कमाई भी कम हो गई है। होम स्टे संचालक गौरव तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या अब काफी कम हो गई है। आय में 50 से 60 फीसदी की गिरावट आई है। होटल संचालक अनूप गुप्ता ने बताया कि पहले की तुलना में श्रद्धालु कम हुए हैं। होटल के कमरे फुल नहीं हो पा रहे हैं। होम स्टे संचालक अरविंद तिवारी ने बताया कि रखरखाव का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा है। पिछले चार दिनों से एक भी कमरा बुक नहीं हुआ है। बढ़ती गर्मी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है।
काशी, अयोध्या व प्रयागराज के त्रिकोण से हुई थी खूब कमाई
ट्रैवेल एजेंसी के संचालक पंकज बताते हैं कि निश्चित रूप से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। महाकुंभ मेले के दौरान काशी, अयोध्या व प्रयागराज का धार्मिक त्रिकोण बना था जिससे खूब फायदा हुआ लेकिन अब श्रद्धालु व पर्यटक कम आ रहे हैं। अब यात्री मिलना मुश्किल हो गया हैं। एक सप्ताह तक काम नहीं मिल रहा है। जो यात्री आ भी रहे हैं वह एक ही दिन में लौट जा रहे हैं।