कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के 40वें दिन चेहल्लुम का शाही जुलूस निकला। जुलूस में अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए अकीदत पेश की। जन्माष्टमी और चेहल्लुम एक ही दिन मनाए जाने को लेकर जुलूस में सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
सोमवार को इमामबाड़ा जवाहर अली खां से निकला चेहल्लुम का जुलूस गुदड़ी बाजार समेत अन्य मार्गों से होते हुए एकदरे पर पहुंचा तो यहां रुक कर अंजुमनों ने नौहाख्वानी करते हुए कर्बला के शहीदों को याद किया। यहां से जुलूस चौक घंटाघर पहुंचा, जहां विभिन्न जिलों से आई अंजुमनों ने नौहाख्वानी की। इस मौके पर भारी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अजादार शामिल रहे।
जुलूस के दौरान अमारी, दुलदुल और अलम की लोगों ने जियारत की और हार चढ़ाया। चौक घंटाघर से चेहल्लुम का जुलूस बजाजा, सुभाष नगर, फतेगंज होता हुआ मकबरा की ओर बढ़ा। यहां मजलिस के बाद जुलूस का समापन किया गया। जुलूस की सुरक्षा के लिए एसपी सिटी मधुबन सिंह, सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह और नगर कोतवाल अश्वनी पांडेय समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से शिया कमेटी से अनुरोध किया गया है कि जन्माष्टमी का उत्सव शुरू होने से पहले जुलूस का समापन कर लें।