रामकथा पार्क में बने मंच पर आधुनिक तकनीकी आधारित प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इसके अलावा गुप्तारघाट, बड़ी देवकाली, नयाघाट, रामघाट, बिड़ला धर्मशाला, रामघाट, भरतकुंड, तुलसीउद्यान, नाका हनुमानगढ़ी पर कुल नौ मंच बनाए गए हैं। इन मंचों पर देश भर के करीब 900 लोक कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा श्रीलंका, नेपाल, त्रिनिडाड, लाओस समेत छह देशों के रामलीला कलाकार शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक रामकथा पार्क व राम की पैड़ी पर बने मंचों पर रामलीला समेत अन्य प्रस्तुति देंगे।
दीपावली के मौके पर अयोध्या में त्रेतायुग जैसे प्रसंग को दोहराया जाने वाला है। अयोध्या पुष्पों, विद्युत सजावटों से सुसज्जित हो गई है। इस बार अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण और उसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लास है। इस उल्लास में मठ-मंदिर भी अपनी भागीदारी निभाएगें। मठ-मंदिरों को दीपों से रोशन किया जाएगा।- महंत विवेक आचारी
निश्चित रूप से यह बालकराम वाली दीपावली है। अयोध्या की सजावट देखकर कहते हैं कि अवध पुरी सोहई यहि भांति, प्रभुहि मिलन आई जिमि रातीं...। यह दृश्य सजीव होता दिख रहा है। हर घर, चौक-चौराहे राम के स्वागत में सजे हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भारतीय संस्कृति के मानबिंदुओं की प्राण प्रतिष्ठा है। - जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य