सहायक आयुक्त खाद्य मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि विभाग ने 31 दुकानों से नमूने लिए थे। इनमें से बेसन और देसी घी के दो नमूने फेल पाए गए हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही और देसी घी में रैसिडिटी (बासीपन की मात्रा) अधिक पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दुकानदार प्रसाद में कृत्रिम रंग मिला रहे हैं। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रसाद में किसी भी तरह का रंग न मिलाया जाए। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दीपावली को ध्यान में रखते हुए अब विभाग और सख्ती बरतेगा। एफडीए की टीम बाजारों में खोया, पनीर, बेसन और अन्य खाद्य सामग्री की निगरानी कर रही है ताकि नकली और मिलावटी उत्पादों की बिक्री पर लगाम लगाई जा सके।
कुछ ही घंटों में अपने पहले के बयान से पलटते हुए सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील को हनुमानगढ़ी के पास तैनात किया गया था। यहां पर खाद्य विक्रेताओं की ओर से विभिन्न तरह के खाद्य पदार्थों की चेकिंग कराई गई थी। इसी क्रम में शृंगार हाट के पास की दुकानों की चेकिंग के दौरान लड्डू में रंग की मात्रा ज्यादा पाई गई थी। ऐसे में दुकानदारों को रंग न मिलाने के लिए जागरूक किया गया।