इस वर्ष दीपोत्सव का आकर्षण केवल राम की पैड़ी व रामकथा पार्क तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि रामनगरी के 14 धार्मिक स्थलों से लेकर घर-घर दीपों की रोशनी से तीन दिनों तक धर्मनगरी जगमगाएगी।
वहीं दूसरी तरफ विश्व हिंदू परिषद ने इस बार रामलला के दरबार में भी दिव्य दीपोत्सव के दौरान 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है। इसके लिए सोमवार को विहिप साधु-संतों के साथ अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर उनसे दीप जलाने की अनुमति मांगेंगे।
24 से 26 अक्तूबर तक अयोध्या में आयोजित होने जा रहे दीपोत्सव की तैयारी में प्रदेश सरकार जुटी हुई है। दीप जलाने का नया रिकार्ड बनाने की भी तैयारी है। ऐसे में विहिप ने इस वर्ष दीपोत्सव पर रामलला के दरबार में 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है।
इसके लिए सोमवार को विहिप व साधु-संतों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर अनुमति मांगेगा, क्योंकि अधिग्रहीत परिसर में किसी भी नई व्यवस्था के लिए रिसीवर की अनुमति जरूरी है।
यदि अनुमति मिलती है तो इस वर्ष रामलला का दरबार भी दिव्य दीपोत्सव में भव्यता का पर्याय होगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि किसी नई परंपरा के शुभारंभ के लिए रिसीवर की अनुमति लेनी होती है।
अभी दीपावली में केवल 51 दीप ही रामलला के दरबार में जलाए जाने की परंपरा चली आ रही है। दीप जलाने के लिए कोई सरकारी अनुदान भी नहीं है, वह स्वयं ही दीपक की व्यवस्था कर रामलला के दरबार को रोशन करते हैं।