लखनऊ केरिटायर्ड चुनाव अधिकारी अवध बिहारी सिन्हा के परिवारीजनों का फैसला तीन मरीजों की जिंदगी में नई रोशनी भरेगा। उनका लिवर दिल्ली भेजा गया जबकि कार्निया केजीएमयू के आईबैंक को दी गई हैं। किडनी खराब होने की वजह से उन्हें नहीं निकाला गया।
त्रिवेणीनगर निवासी 74 वर्षीय अवध बिहारी सिन्हा रायबरेली से चुनाव अधिकारी के पद से 2002 में रिटायर हुए थे। वे अपनी बेटी शालिनी के घर इंदिरापुरम गाजियाबाद गए थे। 26 फरवरी को सुबह लगभग 8 से 9 के बीच में टहलने के लिए निकले थे।
इसी दौरान वे गिर पड़े जिससे उनके सिर में चोट लगी। बेटी शालिनी ने उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनके सिर की चोट की दो बार सर्जरी की गई लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ और वह बेहोशी की स्थिति में रहे।
उनके बेटे शैलेंद्र ने बताया कि जब गाजियाबाद में कोई फायदा नहीं हुआ तो वह पिता को लखनऊ ले आए और विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया। वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उनके ब्रेन डेड होने की जानकारी दी।
शैलेंद्र ने बताया कि उनके पिता ने देहदान और अंगदान की इच्छा जतायी थी। जब उन्हें चिकित्सकों ने बताया कि पिता को ब्रेन डेड के कारण बचाया जा नहीं जा सकता है तो उन्होंने केजीएमयू के आर्गन डोनेशन विभाग के डॉ. विवेक गुप्ता से मंगलवार को संपर्क किया।
20 मिनट 30 सेकंड में लीवर पहुंचा केजीएमयू से एयरपोर्ट
अवध बिहारी के परिवारीजन
- फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्हें केजीएमयू में भर्ती किया गया और बुधवार रात उनके लिवर और कार्निया को निकालकर जरूरतमंद मरीजों को लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। डॉ. विवेक गुप्ता ने अंगदान की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सबसे पहले अवध बिहारी सिन्हा को ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को भर्ती कराया।
वहां उन्हें ब्रेन डेड घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद बुधवार शाम को लगभग 6.30 बजे उनके अंगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे पहले उनके लिवर को दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) भेजे जाने की सहमति बन गई थी।
डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. अभिजीत चंद्रा और डॉ. मनमीत सिंह की टीम ने रात को लगभग 9.25 बजे उनके अंगों को निकाला। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से लिवर को अमौसी एयरपोर्ट भेजा गया। वहां से दिल्ली जाने वाले फ्लाइट से लिवर को आईएलबीएस ले जाया गया ।
केजीएमयू से ट्रांसप्लांट के लिए जा रहे लिवर के लिए बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। केजीएमयू से लिवर रात 9.27 बजे एम्बुलेंस से रवाना हुआ। बिना किसी रुकावटकेएम्बुलेंस 9.47.30 सेकंड पर एयरपोर्ट पहुंच गया।
18 किलोमीटर का सफर पुलिस की मुस्तैदी के कारण ही इतने कम समय पूरी हो सकी। इस दौरान केजीएमयू से लेकर एयरपोर्ट केबीच सभी रास्तों पर बैरिकेडिंंग कर वाहनों को रोक दिया गया। ट्रैफिक पुलिस का दस्ता एम्बुलेंस केआगे चल रहा था।ताकि किसी भी तरह की बाधा रास्ते में आए।
केजीएमयू से ट्रैैफिक पुलिस की अगुवाई वाली एम्बुलेंस एयरपोर्ट जाने केलिए भीड़-भाड़ वाले इलाके से गुजरी। केजीएमयू से परिवर्तन चौक, हजरतगंज, कैंटोमेंट, वीआईपी रोड, कृष्णानगर होते हुए एम्बुलेंस सीध एयरपोर्ट में दाखिल हुई।